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Kullu News: इस बार धुएं के बीच भी साफ रही कुल्लू की हवा
Wed, 22 Oct 2025 09:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 22 Oct 2025 09:35 PM IST
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पिछले साल कह तुलना में बेहतर दर्ज हुआ वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिवाली उत्सव के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रखी नजर
राजीव नैय्यर
कुल्लू। पटाखों और रोशनी के बीच इस बार दिवाली पर कुल्लू की फिजा में राहत की हवा बही। इस बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले साल की तुलना में बेहतर दर्ज किया गया है।
इस बार पीएम 10 जहां 80.41 से घटकर 62.44 पर पहुंचा है। पीएम 2.5 में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है। इस बार एक्यूआई पीएम 10 80.41 व पीएम 2.5 20.88 से कम होकर पीएम 10 62.44 व पीएम 2.5 22.72 पहुंचा है। एक्यूआई में इस साल पीएम 10 में 17.97 और पीएम 2.5 में 01.84 की गिरावट होना लोगों की सेहत के लिए अच्छी खबर है। दिवाली में कुल्लू की हवा 2024 की तरह संतोषजनक रही श्रेणी में रही है। बता दें कि दिवाली उत्सव में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता पर नजर रखी और सैंपल भरे। स्वास्थ्य मानकों के अनुसार एक्यूआई 100 के नीचे रहने से उसे संतोषजनक माना जाता है। जिले का एक्यूआई इस बार पीएम 10 62.44 और पीएम 2.5 20.88 रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील शर्मा ने कहा कि दिवाली उत्सव में वायु की गुणवत्ता पर नजर रखी गई। इसके लिए दिवाली से पूर्व, दिवाली और इसके बाद सैंपल भरकर उनकी जांच की गई। वायु गुणवत्ता को पीएम 10 और पीएम 2.5 में जांचा जाता है। इस बार भी पिछले साल की तरह वायु गुणवत्ता की श्रेणी संतोषजनक रही है। पीएम 10 में 17.97 और पीएम 2.5 में 01.84 तक सुधार हुआ है।
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-- यह है पीएम 10 और पीएम 2.5
पर्टिकुलेट मैटर वातावरण में मौजूद ठोस और तरल का मिश्रण है। यह कण इतने छोटे हैं कि सांस के जरिए यह सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं और स्वास्थ्य का नुकसान पहुंचाते हैं। पीएम10 के कणों का आकार दस माइक्रो मीटर से कम व्यास का होता है। इसमें धूल, गरदा और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम2.4 हवा में घुलने वाला एक छोटा पदार्थ है। इसका व्यास 2.5 माइक्रो मीटर से कम होता है। पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से धुंध छा जाती है और देखने में समस्या आती है।
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ऐसे जांची जाती है वायु गुणवत्ता
वायु गुणवत्ता को एक से 100 अंकों तक संतोषजनक माना जाता है। जैसे-जैसे अंक बढ़तेे हैं, हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है। 100 से 200 तक ठीक-ठाक, 200 से 300 तक खराब, 300 से 400 तक बहुत खराब तथा 400 से 500 तक खतरनाक माना जाता है जो स्वास्थ्य मानकों के अनुसार घातक है।
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किस साल कितना रहा एक्यूआई
साल पीएम10 पीएम2.5
2020 103.35 36.04
2021 33.08 12.58
2022 62.82 25.52
2023 54.55 16.66
2024 80.41 22.72
2025 62.44 20.88
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दिवाली उत्सव के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रखी नजर
राजीव नैय्यर
कुल्लू। पटाखों और रोशनी के बीच इस बार दिवाली पर कुल्लू की फिजा में राहत की हवा बही। इस बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले साल की तुलना में बेहतर दर्ज किया गया है।
इस बार पीएम 10 जहां 80.41 से घटकर 62.44 पर पहुंचा है। पीएम 2.5 में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है। इस बार एक्यूआई पीएम 10 80.41 व पीएम 2.5 20.88 से कम होकर पीएम 10 62.44 व पीएम 2.5 22.72 पहुंचा है। एक्यूआई में इस साल पीएम 10 में 17.97 और पीएम 2.5 में 01.84 की गिरावट होना लोगों की सेहत के लिए अच्छी खबर है। दिवाली में कुल्लू की हवा 2024 की तरह संतोषजनक रही श्रेणी में रही है। बता दें कि दिवाली उत्सव में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता पर नजर रखी और सैंपल भरे। स्वास्थ्य मानकों के अनुसार एक्यूआई 100 के नीचे रहने से उसे संतोषजनक माना जाता है। जिले का एक्यूआई इस बार पीएम 10 62.44 और पीएम 2.5 20.88 रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुनील शर्मा ने कहा कि दिवाली उत्सव में वायु की गुणवत्ता पर नजर रखी गई। इसके लिए दिवाली से पूर्व, दिवाली और इसके बाद सैंपल भरकर उनकी जांच की गई। वायु गुणवत्ता को पीएम 10 और पीएम 2.5 में जांचा जाता है। इस बार भी पिछले साल की तरह वायु गुणवत्ता की श्रेणी संतोषजनक रही है। पीएम 10 में 17.97 और पीएम 2.5 में 01.84 तक सुधार हुआ है।
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पर्टिकुलेट मैटर वातावरण में मौजूद ठोस और तरल का मिश्रण है। यह कण इतने छोटे हैं कि सांस के जरिए यह सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं और स्वास्थ्य का नुकसान पहुंचाते हैं। पीएम10 के कणों का आकार दस माइक्रो मीटर से कम व्यास का होता है। इसमें धूल, गरदा और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम2.4 हवा में घुलने वाला एक छोटा पदार्थ है। इसका व्यास 2.5 माइक्रो मीटर से कम होता है। पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से धुंध छा जाती है और देखने में समस्या आती है।
ऐसे जांची जाती है वायु गुणवत्ता
वायु गुणवत्ता को एक से 100 अंकों तक संतोषजनक माना जाता है। जैसे-जैसे अंक बढ़तेे हैं, हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है। 100 से 200 तक ठीक-ठाक, 200 से 300 तक खराब, 300 से 400 तक बहुत खराब तथा 400 से 500 तक खतरनाक माना जाता है जो स्वास्थ्य मानकों के अनुसार घातक है।
किस साल कितना रहा एक्यूआई
साल पीएम10 पीएम2.5
2020 103.35 36.04
2021 33.08 12.58
2022 62.82 25.52
2023 54.55 16.66
2024 80.41 22.72
2025 62.44 20.88