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Kullu News: ढोल नगाड़ों की थाप पर जुआणी महादेव मौहल मेले के लिए रवाना
Mon, 05 May 2025 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 05 May 2025 10:59 PM IST
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मौहल में अस्थायी तंबू में होगा रात्रि ठहराव, दो दिन देव परंपरा का करेंगे निर्वहन
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। घाटी के आराध्य देवता जुआणी महादेव अपने न्योली स्थित देवालय से सोमवार दोपहर बाद मौहल मेले के लिए सैंकड़ों देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की ध्वनि के साथ रवाना हो गए।
मौहल मेले में देवता हर साल देव परंपरा का निर्वहन करने के लिए जाते हैं। बताया जाता है कि यहां देवता का अपना स्थान भी है। यहां देवता अस्थायी तंबू में रात्रि ठहराव करेंगे। देवता दो रात्रि तक मौहल में अस्थायी शिविर में रहेंगे। मेले में देव विधि के अनुसार देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। देवता की शोभायात्रा न्योली से ढोल की थाप पर सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के साथ शुरू हुई। शाम को देवता ने मौहल मेले में देव परंपरा का निर्वहन किया। देवता ने मेला मैदान में देवनृत्य देव वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच किया। वहीं, इस दौरान देवता के गूर ने भी देव नृत्य किया। मेले में पहुंचने पर देवता का भव्य स्वागत किया गया और तमाम देवताओं के साथ देव मिलन भी हुआ। देवता जुआणी महादेव के कारदार गोपाल महंत ने बताया कि देवता दो दिन तक मौहल में देव परंपरा का निर्वहन देवविधि के मुताबिक करेंगे। उन्होंने कहा मेले में देवता हर साल उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। मेले को लेकर देवलुओं में काफी उत्साह है। कहा कि देवता बुधवार को अपने देवालय लौटेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। घाटी के आराध्य देवता जुआणी महादेव अपने न्योली स्थित देवालय से सोमवार दोपहर बाद मौहल मेले के लिए सैंकड़ों देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की ध्वनि के साथ रवाना हो गए।
मौहल मेले में देवता हर साल देव परंपरा का निर्वहन करने के लिए जाते हैं। बताया जाता है कि यहां देवता का अपना स्थान भी है। यहां देवता अस्थायी तंबू में रात्रि ठहराव करेंगे। देवता दो रात्रि तक मौहल में अस्थायी शिविर में रहेंगे। मेले में देव विधि के अनुसार देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। देवता की शोभायात्रा न्योली से ढोल की थाप पर सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के साथ शुरू हुई। शाम को देवता ने मौहल मेले में देव परंपरा का निर्वहन किया। देवता ने मेला मैदान में देवनृत्य देव वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच किया। वहीं, इस दौरान देवता के गूर ने भी देव नृत्य किया। मेले में पहुंचने पर देवता का भव्य स्वागत किया गया और तमाम देवताओं के साथ देव मिलन भी हुआ। देवता जुआणी महादेव के कारदार गोपाल महंत ने बताया कि देवता दो दिन तक मौहल में देव परंपरा का निर्वहन देवविधि के मुताबिक करेंगे। उन्होंने कहा मेले में देवता हर साल उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। मेले को लेकर देवलुओं में काफी उत्साह है। कहा कि देवता बुधवार को अपने देवालय लौटेंगे।
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