{"_id":"6839e2880a20ad9b46079943","slug":"the-rain-brought-smiles-on-the-faces-of-farmers-and-gardeners-kullu-news-c-89-1-klu1002-148742-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: बारिश होने से किसानों-बागवानों के चेहरे खिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: बारिश होने से किसानों-बागवानों के चेहरे खिले
Fri, 30 May 2025 10:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 30 May 2025 10:23 PM IST
विज्ञापन
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
ताजा बारिश होने से किसानों के रुके कृषि और बागवानी के कार्य शुरू होंगे। घाटी के किसानों की मानें तो बारिश किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। वीरवार रात और शुक्रवार सुबह घाटी में जमकर बारिश हुई है। पहाड़ों पर बर्फबारी होने से क्षेत्र का मौसम कूल-कूल हो गया है। कृषि और बागवानी के कार्य के लिए भी जमीन में नमी बन गई है। इस बारिश और बर्फबारी से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर आलू की खेती के लिए यह बारिश अच्छी मानी जा रही है। आलू लाहौल की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दौरान मौसम पर फसलें निर्भर करती है। जमीन में नमी होने के चलते घाटी में आलू की विभिन्न किस्में जिसमें कुफरी सूर्या, कुफरी पुष्कर और कुफरी ज्योति उगाई जा सकती है। किसानों का मानना है कि बारिश से अब बिजाई के लिए अच्छा समय हो गया है। इसके चलते घाटी में आलू उगाने का काम किया जा सकता है।
उधर, घाटी में पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से पर्यटकों के लिए भी मौसम सुहाना हो गया है। खासकर रोहतांग पास में ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ चांदी की तरह चमकने लगे हैं।
विज्ञापन
ताजा बारिश होने से किसानों के रुके कृषि और बागवानी के कार्य शुरू होंगे। घाटी के किसानों की मानें तो बारिश किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। वीरवार रात और शुक्रवार सुबह घाटी में जमकर बारिश हुई है। पहाड़ों पर बर्फबारी होने से क्षेत्र का मौसम कूल-कूल हो गया है। कृषि और बागवानी के कार्य के लिए भी जमीन में नमी बन गई है। इस बारिश और बर्फबारी से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर आलू की खेती के लिए यह बारिश अच्छी मानी जा रही है। आलू लाहौल की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दौरान मौसम पर फसलें निर्भर करती है। जमीन में नमी होने के चलते घाटी में आलू की विभिन्न किस्में जिसमें कुफरी सूर्या, कुफरी पुष्कर और कुफरी ज्योति उगाई जा सकती है। किसानों का मानना है कि बारिश से अब बिजाई के लिए अच्छा समय हो गया है। इसके चलते घाटी में आलू उगाने का काम किया जा सकता है।
उधर, घाटी में पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने से पर्यटकों के लिए भी मौसम सुहाना हो गया है। खासकर रोहतांग पास में ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ चांदी की तरह चमकने लगे हैं।
विज्ञापन