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Kullu News: वाद्ययंत्रों की थाप पर निकली शोभायात्रा
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अखाड़ा बाजार में धूमधाम से मनाया फागू जाच मेला
पारंपरिक परिधानों में सजकर ग्रामीणों ने डाली नाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित अखाड़ा बाजार में दो दिवसीय फागू जाच मेला धूमधाम से मनाया गया। देवता ध्रुव ऋषि के सम्मान में मनाए गए मेले में ब्यासा मोड़ के देवता चंद्रमौली संगम महादेव ने भी शिरकत की। मेले में देव परंपराओं का निर्वहन हुआ। देवताओं की शोभायात्रा में काफी अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े। दोनों देवताओं का पहले दिन भव्य देवमिलन हुआ। सोमवार शाम को यहां पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय कलाकारों ने भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंगलवार सुबह देवता ध्रुव ऋषि और चंद्रमौली संगम महादेव की पूजा की गई। इसके बाद देवताओं के पास श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर 12:00 बजे के बाद यहां पर पारंपरिक परिधानों में सजकर कुल्लवी नाटी डाली गई। नाटी को देखने के लिए काफी अधिक संख्या में लोग उमड़े। कुल्लवी नाटी के लिए महिला मंडलों की महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। इसके साथ ही अखाड़ा बाजार से लेकर रामशिला तक देवताओं की शोभायात्रा भी निकली। वाद्ययंत्रों और लाव लश्कर के साथ निकाली गई शोभायात्रा में नाचती-गाते श्रद्धालुओं ने इसमें चार चांद लगा दिए। अखाड़ा बाजार ट्रक यूनियन के पास से बाजार होकर रामशिला से वापस शोभायात्रा मेला स्थल पहुंची। मेले में शिरकत करने पहुंचे गगन कुमार और विजय ठाकुर ने कहा कि मेले में पहले घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू उत्पाद मिलते थे, लेकिन समय के साथ अब ये चीजें लुप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद भी लिया।
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पारंपरिक परिधानों में सजकर ग्रामीणों ने डाली नाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित अखाड़ा बाजार में दो दिवसीय फागू जाच मेला धूमधाम से मनाया गया। देवता ध्रुव ऋषि के सम्मान में मनाए गए मेले में ब्यासा मोड़ के देवता चंद्रमौली संगम महादेव ने भी शिरकत की। मेले में देव परंपराओं का निर्वहन हुआ। देवताओं की शोभायात्रा में काफी अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े। दोनों देवताओं का पहले दिन भव्य देवमिलन हुआ। सोमवार शाम को यहां पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय कलाकारों ने भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंगलवार सुबह देवता ध्रुव ऋषि और चंद्रमौली संगम महादेव की पूजा की गई। इसके बाद देवताओं के पास श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर 12:00 बजे के बाद यहां पर पारंपरिक परिधानों में सजकर कुल्लवी नाटी डाली गई। नाटी को देखने के लिए काफी अधिक संख्या में लोग उमड़े। कुल्लवी नाटी के लिए महिला मंडलों की महिलाओं को आमंत्रित किया गया था। इसके साथ ही अखाड़ा बाजार से लेकर रामशिला तक देवताओं की शोभायात्रा भी निकली। वाद्ययंत्रों और लाव लश्कर के साथ निकाली गई शोभायात्रा में नाचती-गाते श्रद्धालुओं ने इसमें चार चांद लगा दिए। अखाड़ा बाजार ट्रक यूनियन के पास से बाजार होकर रामशिला से वापस शोभायात्रा मेला स्थल पहुंची। मेले में शिरकत करने पहुंचे गगन कुमार और विजय ठाकुर ने कहा कि मेले में पहले घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू उत्पाद मिलते थे, लेकिन समय के साथ अब ये चीजें लुप्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद भी लिया।