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Kullu News: सेब पौधे 90% कामयाब होने की गारंटी ने खींचे शिमला और सोलन के बागवान

Mon, 23 Dec 2024 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 23 Dec 2024 10:29 PM IST
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The guarantee of 90% success of apple plants attracted the gardeners of Shimla and Solan.
कुल्लू की उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में बिके 25,000 सेब पौधे
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दावा - पौधों में गुणवत्ता बेहतर होने के चलते बागवानों में अधिक है मांग



बलदेव राज



कुल्लू। सेब पौधों की खरीद के लिए अब कुल्लू ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भी बागवान बागवानी विभाग की उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में पहुंच रहे हैं। इसका कारण पौधे के कामयाब होने की गारंटी 90 फीसदी से अधिक होना माना जा रहा है।
कोटखाई, ठियोग, लाहौल, अर्की, राजगढ़ आदि जगह के बागवान बजौरा से सेब के रूट स्टॉक के पौधे खरीद रहे हैं। बजौरा में बागवानी विभाग की उद्यान फल विकास परियोजना में बेहतर क्वालिटी का पौधा नर्सरी में तैयार किया जाता है।
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इस पौधे के कामयाब होने की गारंटी 90 फीसदी से अधिक रहती है। बजौरा में बागवानी विभाग अपनी नर्सरियों में इन पौधों को तैयार करता है। इसमें किसी तरह की शिकायत नहीं रहती है। प्रदेश के कई क्षेत्रों के बागवान यहां से सेब की नर्सरी में तैयार पौधे लेना पसंद करते हैं।
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गौर रहे कि कई बार नर्सरी में बागवान को वैरायटी के नाम पर पौधे तो बेचे जाते हैं, लेकिन जब पौधा फल देने लगता है तो तब उसकी नकली वैरायटी का पता चलता है। ऐसे में कई बार बागवान खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। अब तक की बात करें तो उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में करीब 25,000 सेब पौधों का वितरण हो चुका है। यह क्रम अभी जारी है।

लाहौल-स्पीति जिले के लिए 7,000 से अधिक पौधों की खेप जा चुकी है। राजगढ़, अर्की, कोटखाई, ठियोग आदि क्षेत्रों के बागवानों ने भी काफी अधिक मात्रा में यहां से पौधों की खरीद की है।




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बागवानी विभाग की फल विकास परियोजना बजौरा में अब तक करीब 25,000 पौधे बिक चुके हैं। लाहौल-स्पीति के अलावा राजगढ़, अर्की, कोटखाई, ठियोग के बागवान भी पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं। यहां तैयार होने वाले पौधे उच्च गुणवता के होते हैं, इसलिए बागवान अन्य नर्सरी के बजाय यहां से पौधे लेने को तव्वजो देते हैं। - रोशन आनंद, विषयवाद विशेषज्ञ, उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा।



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