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Kullu News: उजड़ चुकी जिंदगी में खुशियों के रंग भर रही सरकार
Sat, 17 May 2025 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 17 May 2025 11:12 PM IST
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विधवा पुर्विवाह योजना के तहत जिले में छह महिलाओं का बसाया घर
12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर पुनर्विवाह में किया सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचल सरकार की विधवा पुनर्विवाह योजना उजड़ चुकी जिंदगी में खुशियों के रंग भर रही है। विधवा हो चुकीं महिलाओं का घर बसाने के साथ सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी दे रही है।
विधवाओं की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए सरकार ने विधवा पुनर्विवाह योजना शुरू की है। सरकार ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, जो छोटी उम्र में विधवा हो गई हैं। इनका दोबारा घर बसाया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सरकार ने जिला कुल्लू में सरकार ने एक साल में 6 विधवा महिलाओं का पुनर्विवाह करवाने में सहयोग दिया है। सरकार ने इन विधवा महिलाओं को पुनर्विवाह के लिए 12 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। योजना के तहत विधवा महिलाओं को 2 लाख रुपये की मदद मिल रही है।
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गौर रहे कि जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर में 19, 20 और 21 आयु वर्ग की महिलाओं के विधवा होने का आंकड़ा काफी बढ़ गया है। इसके चलते ऐसी विधवा महिलाओं को फिर से वैवाहिक जीवन जीने और समाज में सम्मानजनक जिंदगी का गुजर बसर करने के लिए यह योजना काफी मददगार बन रही है।
समाज सेवियों के अनुसार महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए पहले राम मोहन राय, ईश्वर चंद विद्यासागर जैसे समाज सुधारकों ने काम किया है। उनकी वजह से 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम लागू हुआ। इसके बाद विधवा महिलाओं की जिंदगी में सुधार आने लगा। यह कानून ब्रिटिश काल में लागू किया गया था। हालांकि, धीरे-धीरे विधवा महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार और सामाजिक भेदभाव में कमी आने लगी, लेकिन सामाजिक जीवन स्तर अभी भी उतना बेहतर नहीं बन पाया। ऐसे में सरकार की ओर से विधवाओं से शादी करने के लिए प्रेरित करने के लिए आर्थिक मदद की योजना शुरू की। हालांकि, शुरुआत में उन्हें मात्र हजारों रुपये की मदद मिलती थी, लेकिन अब यह आर्थिक मदद 2 लाख रुपये तक बढ़ा दी है।
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विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 6 विधवा महिलाओं की शादी हुई है। उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। - गजेंद्र ठाकुर, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग
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12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर पुनर्विवाह में किया सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचल सरकार की विधवा पुनर्विवाह योजना उजड़ चुकी जिंदगी में खुशियों के रंग भर रही है। विधवा हो चुकीं महिलाओं का घर बसाने के साथ सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी दे रही है।
विधवाओं की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिए सरकार ने विधवा पुनर्विवाह योजना शुरू की है। सरकार ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, जो छोटी उम्र में विधवा हो गई हैं। इनका दोबारा घर बसाया जा रहा है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार सरकार ने जिला कुल्लू में सरकार ने एक साल में 6 विधवा महिलाओं का पुनर्विवाह करवाने में सहयोग दिया है। सरकार ने इन विधवा महिलाओं को पुनर्विवाह के लिए 12 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। योजना के तहत विधवा महिलाओं को 2 लाख रुपये की मदद मिल रही है।
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गौर रहे कि जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर में 19, 20 और 21 आयु वर्ग की महिलाओं के विधवा होने का आंकड़ा काफी बढ़ गया है। इसके चलते ऐसी विधवा महिलाओं को फिर से वैवाहिक जीवन जीने और समाज में सम्मानजनक जिंदगी का गुजर बसर करने के लिए यह योजना काफी मददगार बन रही है।
समाज सेवियों के अनुसार महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए पहले राम मोहन राय, ईश्वर चंद विद्यासागर जैसे समाज सुधारकों ने काम किया है। उनकी वजह से 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम लागू हुआ। इसके बाद विधवा महिलाओं की जिंदगी में सुधार आने लगा। यह कानून ब्रिटिश काल में लागू किया गया था। हालांकि, धीरे-धीरे विधवा महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार और सामाजिक भेदभाव में कमी आने लगी, लेकिन सामाजिक जीवन स्तर अभी भी उतना बेहतर नहीं बन पाया। ऐसे में सरकार की ओर से विधवाओं से शादी करने के लिए प्रेरित करने के लिए आर्थिक मदद की योजना शुरू की। हालांकि, शुरुआत में उन्हें मात्र हजारों रुपये की मदद मिलती थी, लेकिन अब यह आर्थिक मदद 2 लाख रुपये तक बढ़ा दी है।
विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 6 विधवा महिलाओं की शादी हुई है। उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। - गजेंद्र ठाकुर, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग