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घोषणा से बाहर नहीं निकली डबललेन सड़क
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कुल्लू। धार्मिक नगरी मणिकर्ण को जोड़ने वाला भुंतर-मणिकर्ण मार्ग डबललेन नहीं हो सका है। भारत माला योजना के तहत इस मार्ग को डबललेन बनाने की चर्चा पिछले कई सालों से चल रही है। लेकिन यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
अब मंडी लोस उपचुनाव में यह मांग फिर से उठने लगी है। पार्वती घाटी विदेशी सैलानियों की पहली पसंद है। यहां हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन 35 किलोमीटर लंबा भुंतर-मणिकर्ण मार्ग वन वे व संकरा होना से उसे पूरा करने में बस से डेढ़ घंटे का समय लगता है। हालांकि सड़क पक्की है। लेकिन कुछ जगहों पर सड़क इतनी तंग है कि यहां वाहनों को पास देना जोखिम भरा रहता है। मगर 2015-16 को इस सड़क को डबललेन बनाने की बातें हुई और लोगों ने भी इसे जोरशोर के साथ उठाया। इस दौरान भाजपा नेताओं में इस सड़क के डबललेन होने का श्रेय लेने की खूब होड़ मची रही। पांच साल का समय बीत गया। लेकिन सड़क डबललेन बनाने को लेकर कोई भी काम नहीं हुआ है। सड़क के विस्तारीकरण की मात्र घोषणा रह गई। पूर्व में हुए विधानसभा और फिर 2019 को लोकसभा के चुनाव के बाद अब मंडी लोस उपचुनाव में सड़क का मुद्दा फिर से उठ रहा है। लोगों का कहना है कि मात्र चुनाव के समय ही भुंतर-मणिकर्ण मार्ग की याद आती है। चुनाव के बाद नेता इसे भूल जाते हैं। विजय सूद, प्रवीण ठाकुर तथा किशन ठाकुर ने कहा कि सड़क की हालत ठीक नहीं होने से पर्यटक भी घाटी में आने से मुंह मोड़ने लगा है। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग का विस्तारीकरण जरूरी है। पार्वती घाटी में कसोल के अलावा जरी, मणिकर्ण, खीरगंगा, कटागला, पुलगा, कालगा, बरशैणी तथा ऐतिहासिक गांव मलाणा में सालभर हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। मगर मार्ग अच्छा नहीं होने से अधिक सैलानी नहीं आ पाते हैं। भगवान दास, निका राम, चमन लाल तथा मोहन लाल का कहना है कि इस सड़क का डबललेन बनना पर्यटन के साथ कृषि-बागवानी के लिए भी जरूरी है। कहा कि इस सड़क की याद चुनाव के समय राजनीतिक दलों को खूब आती है। मंच पर भी भाषण में इसका खूब जिक्र होता है। चुनाव निपटने के बाद पार्टियां व नेता इसे पूरी तरह भूल जाते हैं। वन वे होने से इस मार्ग पर अकसर जाम लगा रहता है। इससे पर्यटकों के अलावा आमजन व किसानों-बागवानों को भी परेशान होना पड़ता है।
भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार डबललेन नहीं कर पाई है। मात्र भाजपा ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की है। धरातल पर कोई भी काम नहीं हुआ है। भाजपा ने इस सड़क को लेकर झूठ बोलकर लोगों को गुमराह किया है।
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- सुंदर सिंह ठाकुर विधायक कुल्लू सदर
भुंतर से मणिकर्ण मार्ग का विस्तारीकरण करना पर्यटन व किसानों-बागवानों के लिए जरूरी है। इस सड़क को डबललेन बनाने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। चुनाव में जीत मिलने पर इस मसले को गंभीरता से लिया जाएगा।
-ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर, भाजपा उम्मीदवार, मंडी लोकसभा उपचुनाव
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अब मंडी लोस उपचुनाव में यह मांग फिर से उठने लगी है। पार्वती घाटी विदेशी सैलानियों की पहली पसंद है। यहां हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। लेकिन 35 किलोमीटर लंबा भुंतर-मणिकर्ण मार्ग वन वे व संकरा होना से उसे पूरा करने में बस से डेढ़ घंटे का समय लगता है। हालांकि सड़क पक्की है। लेकिन कुछ जगहों पर सड़क इतनी तंग है कि यहां वाहनों को पास देना जोखिम भरा रहता है। मगर 2015-16 को इस सड़क को डबललेन बनाने की बातें हुई और लोगों ने भी इसे जोरशोर के साथ उठाया। इस दौरान भाजपा नेताओं में इस सड़क के डबललेन होने का श्रेय लेने की खूब होड़ मची रही। पांच साल का समय बीत गया। लेकिन सड़क डबललेन बनाने को लेकर कोई भी काम नहीं हुआ है। सड़क के विस्तारीकरण की मात्र घोषणा रह गई। पूर्व में हुए विधानसभा और फिर 2019 को लोकसभा के चुनाव के बाद अब मंडी लोस उपचुनाव में सड़क का मुद्दा फिर से उठ रहा है। लोगों का कहना है कि मात्र चुनाव के समय ही भुंतर-मणिकर्ण मार्ग की याद आती है। चुनाव के बाद नेता इसे भूल जाते हैं। विजय सूद, प्रवीण ठाकुर तथा किशन ठाकुर ने कहा कि सड़क की हालत ठीक नहीं होने से पर्यटक भी घाटी में आने से मुंह मोड़ने लगा है। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग का विस्तारीकरण जरूरी है। पार्वती घाटी में कसोल के अलावा जरी, मणिकर्ण, खीरगंगा, कटागला, पुलगा, कालगा, बरशैणी तथा ऐतिहासिक गांव मलाणा में सालभर हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। मगर मार्ग अच्छा नहीं होने से अधिक सैलानी नहीं आ पाते हैं। भगवान दास, निका राम, चमन लाल तथा मोहन लाल का कहना है कि इस सड़क का डबललेन बनना पर्यटन के साथ कृषि-बागवानी के लिए भी जरूरी है। कहा कि इस सड़क की याद चुनाव के समय राजनीतिक दलों को खूब आती है। मंच पर भी भाषण में इसका खूब जिक्र होता है। चुनाव निपटने के बाद पार्टियां व नेता इसे पूरी तरह भूल जाते हैं। वन वे होने से इस मार्ग पर अकसर जाम लगा रहता है। इससे पर्यटकों के अलावा आमजन व किसानों-बागवानों को भी परेशान होना पड़ता है।
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भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार डबललेन नहीं कर पाई है। मात्र भाजपा ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की है। धरातल पर कोई भी काम नहीं हुआ है। भाजपा ने इस सड़क को लेकर झूठ बोलकर लोगों को गुमराह किया है।
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- सुंदर सिंह ठाकुर विधायक कुल्लू सदर
भुंतर से मणिकर्ण मार्ग का विस्तारीकरण करना पर्यटन व किसानों-बागवानों के लिए जरूरी है। इस सड़क को डबललेन बनाने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। चुनाव में जीत मिलने पर इस मसले को गंभीरता से लिया जाएगा।
-ब्रिगेडियर कुशाल ठाकुर, भाजपा उम्मीदवार, मंडी लोकसभा उपचुनाव