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Kullu News: आपदा की मार ने फीकी कर दी दशहरा की रौनक

Sun, 21 Sep 2025 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sun, 21 Sep 2025 10:47 PM IST
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The disaster has dampened the spirit of Dussehra.
कुल्लू में भूस्खलन से सड़कें बंद, बस सेवाएं ठप, बाहरी व्यापारी भी नहीं पहुंचे
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अंतरराष्ट्रीय उत्सव में होने वाले करोड़ों रुपये के कारोबार पर पड़ सकता है असर

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हर साल कुल्लू दशहरा देव आस्था, सांस्कृतिक रंग और करोड़ों के कारोबार का प्रतीक बनता है। इस बार प्राकृतिक आपदा ने उस चमक-धमक को फीका कर दिया है।
आमतौर पर दशहरा के लिए करीब तीन सप्ताह पहले ही बाजार में रौनक देखने को मिलती है। इस बार भूस्खलन से सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, बस सेवाएं भी ठप हैं। अभी तक बाहरी राज्यों के व्यापारी भी नहीं पहुंचे हैं। देवी-देवताओं के आगमन की परंपरा बरकरार है लेकिन जमीनी हालातों ने उत्सव की रौनक और व्यापारिक संभावनाओं को गहरा धक्का पहुंचाया है। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव दो अक्तूबर से शुरू होना है।
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प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू हो गई है। दशहरा में पिछले साल 10 करोड़ की कमाई अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति को हुई थी। इस बार करोड़ों का कारोबार फीका रहने की उम्मीद है।
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दशहरा का मुख्य आकर्षण कुल्लू, मनाली, बंजार और आनी से आने वाले 300 से अधिक देवी-देवता होते हैं। देवी-देवता लाव-लश्कर के साथ उत्सव में शिरकत करेंगे। हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। यहां सजने वाली अस्थायी मार्केट में कुल्लू, मंडी, लाहौल-स्पीति और चंबा के पांगी क्षेत्र के लोग खरीदारी करते हैं। अभी तक बाहरी राज्यों के व्यापारी नहीं पहुंचे हैं। व्यापारियों के प्लॉट खरीदने के बाद ही दशहरा की आय बढ़ेगी। भूस्खलन से जिले में 100 से अधिक सड़कें पड़ी हैं। सड़कों को भूस्खलन से काफी क्षति पहुंची है। हालांकि लोक निर्माण विभाग सड़कों की बहाली में जुटा है। शहरवासी अमित शर्मा, प्रताप और ओमप्रकाश ने कहा कि देवी-देवताओं के महाकुंभ को लेकर इस बार रौनक कम है। दशहरा फीका रह सकता है। पर्यटन कारोबारी शेर सिंह नेगी ने कहा कि दशहरा से कारोबारियों को भी उम्मीदें हैं।




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लोकल रूटों पर भी बस सेवाएं ठप
जिले में सड़कें बंद होने के कारण 150 से अधिक रूट ठप हैं। भुंतर-मणिकर्ण सहित कई रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं। बसें न चलने से लोगों को दशहरा में आने के लिए मुश्किलें होंगी। हर साल निगम दशहरा के लिए अतिरिक्त बसें भी चलाता था।
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