{"_id":"697e34c645e9235ee50952db","slug":"the-central-government-should-increase-the-import-duty-on-foreign-apples-mahendra-kullu-news-c-89-1-ssml1012-167826-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेशी सेब पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए केंद्र सरकार : महेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेशी सेब पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए केंद्र सरकार : महेंद्र
Sat, 31 Jan 2026 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 31 Jan 2026 10:28 PM IST
विज्ञापन
किसानों-बागवानों के लिए हो कोल्ड स्टोर और पैकिंग हाउस की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के बागवानों को केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद है कि विदेशी सेब पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाया जाएगा। जिन परिस्थितियों में हिमाचल के बागवान बागवानी करते हैं, वह बहुत ही कठिन हैं।
विदेशों में हर कार्य मशीन से किया जाता है। इस कारण हमारी लागत उनसे कहीं अधिक है। यह बात कुल्लू फलोत्पादक संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं जुजुराना किसान उत्पादक कंपनी के निदेशक महेंद्र उपाध्याय ने कही।
उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादन संगठनों (एफपीओ) के स्तर पर विकेंद्रीकृत कोल्ड स्टोर, पैकिंग हाउस और किफायती कोल्ड चेन की भी सुविधा होनी चाहिए। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के छोटे किसानों के लिए सब्सिडी और किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से जैविक और प्राकृतिक कृषि आउटलेट स्थापित किया जाए।
विज्ञापन
कीटनाशकों का उपयोग, समय पर परामर्श और फसल के नुकसान को कम करना। फसल, कीट और रोग परामर्श प्रणालियों से एकीकृत स्वचालित मौसम स्टेशनों की स्थापना होनी चाहिए। इन उपायों से छोटे और सीमांत किसानों को काफी मजबूती मिलेगी, बागवानी उत्पादकता में सुधार होगा, परागण सेवाओं में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन मांगों को वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष भी रखा गया है।
--
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के बागवानों को केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद है कि विदेशी सेब पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाया जाएगा। जिन परिस्थितियों में हिमाचल के बागवान बागवानी करते हैं, वह बहुत ही कठिन हैं।
विदेशों में हर कार्य मशीन से किया जाता है। इस कारण हमारी लागत उनसे कहीं अधिक है। यह बात कुल्लू फलोत्पादक संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं जुजुराना किसान उत्पादक कंपनी के निदेशक महेंद्र उपाध्याय ने कही।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादन संगठनों (एफपीओ) के स्तर पर विकेंद्रीकृत कोल्ड स्टोर, पैकिंग हाउस और किफायती कोल्ड चेन की भी सुविधा होनी चाहिए। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के छोटे किसानों के लिए सब्सिडी और किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से जैविक और प्राकृतिक कृषि आउटलेट स्थापित किया जाए।
विज्ञापन
कीटनाशकों का उपयोग, समय पर परामर्श और फसल के नुकसान को कम करना। फसल, कीट और रोग परामर्श प्रणालियों से एकीकृत स्वचालित मौसम स्टेशनों की स्थापना होनी चाहिए। इन उपायों से छोटे और सीमांत किसानों को काफी मजबूती मिलेगी, बागवानी उत्पादकता में सुधार होगा, परागण सेवाओं में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन मांगों को वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान के समक्ष भी रखा गया है।