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Kullu News: पुल टूटा है हौसला नहीं... खुद सड़क बनाने में जुटे ग्रामीण
Thu, 28 Aug 2025 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:02 PM IST
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मनाली के ओल्ड मनाली में सड़क बहाली के लिए श्रमदान करते लोग।वीडीओग्रैब
ओल्ड मनाली में मानव शृंखला बनाकर दिनभर चला श्रमदान
ढह चुके पुल तक सड़क बनाकर बहाल करेंगे यातायात
संजय भारद्वाज
मनाली। पुल टूटा है लेकिन हौसला नहीं....! जी हां. ओल्ड मनाली के ग्रामीण युवाओं ने आपदा के दौर में ऐसी ही मिसाल पेश की है। 25 अगस्त को सबसे अधिक तांडव मचाने वाले मनालसु नाला पर बना पुल ढहने से ओल्ड मनाली ही नहीं बल्कि ऊझी घाटी की कई पंचायतों का संपर्क कट गया है।
ओल्ड मनाली के ग्रामीण युवाओं ने श्रमदान कर पैदल रास्ता तैयार कर लिया है। पुल मजबूत हुआ तो टेढ़े हुए पुल से यातायात भी बहाल होने की संभावना है।
आपदा में भी ओल्ड मनाली ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। 27 अगस्त को मौसम खुला तो ग्रामीण एकत्रित हुए और खुद सड़क बनाना शुरू किया। लोक निर्माण विभाग की एकमात्र जेसीबी के सहारे हजारों ग्रामीण युवा श्रमदान करने लगे। देखते ही देखते एक मानव शृंखला बन गई। दिनभर ऐसे ही कार्य चलता रहा। पुल की ओर से सड़क तक लगभग 200 मीटर सड़क बन गई।
वीरवार को भी यह दौर जारी रहा। खास यह रहा कि लोक निर्माण विभाग ने अपनी मशीनरी के अलावा लगभग दो दर्जन मजदूर भी काम पर लगाए। उम्मीद है जल्द ओल्ड मनाली अस्थायी तौर पर यातायात से जुड़ जाएगा। पंचायत प्रधान मोनिका भारती ने बताया कि गांव के युवा अपनी इच्छा से श्रमदान कर रहे हैं। दिनभर गांव में कार्य किया जा रहा है। इसमें विभाग का भी ग्रामीणों को पूरा सहयोग मिल रहा है।
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इन गांवों को जोड़ता है पुल
मनाली। मनाली-लेह मार्ग बंद होने की सूरत में ओल्ड मनाली से होकर ऊझी घाटी के कई गांव मनाली से जुड़े रहते हैं। सोलंग, पलचान, कोठी, बुरुआ, मझाच, शनाग गांवों के लोगों के लिए यही सड़क लाइफलाइन बनी है। मनाली-लेह सड़क बंद होने पर यही सड़क विकल्प बन जाती है। इस सड़क पर यातायात शुरू होने से न केवल ओल्ड मनाली बल्कि ऊझी घाटी के ग्रामीण इलाकों को भी राहत मिलेगी।
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गांव कमेटी सदस्य दुनी चंद ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण श्रमदान कर विभाग का सहयोग कर रहे हैं। इसके लिए गांव में बाकायदा टोलियों की बारी लगाई गई है। बुधवार को पूरे गांव लोगों ने काम किया। वीरवार को गांव की उझली बेहड़ से हर घर से एक-एक व्यक्ति ने श्रमदान किया। 29 अगस्त को को बुनली बेहड़ के लोगों की ड्यूटी लगी है। हमारा प्रयास है कि गांव तक वाहन पहुंच सके।
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ढह चुके पुल तक सड़क बनाकर बहाल करेंगे यातायात
संजय भारद्वाज
मनाली। पुल टूटा है लेकिन हौसला नहीं....! जी हां. ओल्ड मनाली के ग्रामीण युवाओं ने आपदा के दौर में ऐसी ही मिसाल पेश की है। 25 अगस्त को सबसे अधिक तांडव मचाने वाले मनालसु नाला पर बना पुल ढहने से ओल्ड मनाली ही नहीं बल्कि ऊझी घाटी की कई पंचायतों का संपर्क कट गया है।
ओल्ड मनाली के ग्रामीण युवाओं ने श्रमदान कर पैदल रास्ता तैयार कर लिया है। पुल मजबूत हुआ तो टेढ़े हुए पुल से यातायात भी बहाल होने की संभावना है।
आपदा में भी ओल्ड मनाली ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। 27 अगस्त को मौसम खुला तो ग्रामीण एकत्रित हुए और खुद सड़क बनाना शुरू किया। लोक निर्माण विभाग की एकमात्र जेसीबी के सहारे हजारों ग्रामीण युवा श्रमदान करने लगे। देखते ही देखते एक मानव शृंखला बन गई। दिनभर ऐसे ही कार्य चलता रहा। पुल की ओर से सड़क तक लगभग 200 मीटर सड़क बन गई।
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वीरवार को भी यह दौर जारी रहा। खास यह रहा कि लोक निर्माण विभाग ने अपनी मशीनरी के अलावा लगभग दो दर्जन मजदूर भी काम पर लगाए। उम्मीद है जल्द ओल्ड मनाली अस्थायी तौर पर यातायात से जुड़ जाएगा। पंचायत प्रधान मोनिका भारती ने बताया कि गांव के युवा अपनी इच्छा से श्रमदान कर रहे हैं। दिनभर गांव में कार्य किया जा रहा है। इसमें विभाग का भी ग्रामीणों को पूरा सहयोग मिल रहा है।
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इन गांवों को जोड़ता है पुल
मनाली। मनाली-लेह मार्ग बंद होने की सूरत में ओल्ड मनाली से होकर ऊझी घाटी के कई गांव मनाली से जुड़े रहते हैं। सोलंग, पलचान, कोठी, बुरुआ, मझाच, शनाग गांवों के लोगों के लिए यही सड़क लाइफलाइन बनी है। मनाली-लेह सड़क बंद होने पर यही सड़क विकल्प बन जाती है। इस सड़क पर यातायात शुरू होने से न केवल ओल्ड मनाली बल्कि ऊझी घाटी के ग्रामीण इलाकों को भी राहत मिलेगी।
गांव कमेटी सदस्य दुनी चंद ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण श्रमदान कर विभाग का सहयोग कर रहे हैं। इसके लिए गांव में बाकायदा टोलियों की बारी लगाई गई है। बुधवार को पूरे गांव लोगों ने काम किया। वीरवार को गांव की उझली बेहड़ से हर घर से एक-एक व्यक्ति ने श्रमदान किया। 29 अगस्त को को बुनली बेहड़ के लोगों की ड्यूटी लगी है। हमारा प्रयास है कि गांव तक वाहन पहुंच सके।