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Kullu News: नवरात्र के लिए सजे मंदिर, आज होगी मां शैलपुत्री की पूजा
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खराहल (कुल्लू)। शारदीय नवरात्र के आगाज के साथ ही कुल्लू घाटी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की रौनक बढ़ने लगी है। रविवार को पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके लिए घाटी के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। नौ दिनों तक मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-पाठ होंगे। श्रद्धालु सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए व्रत रखकर माता रानी की आराधना करेंगे।
घाटी के माता जगन्नाथी पुईद और माता भुवनेश्वरी भेखली सहित अन्य मंदिरों में देव परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माता जगन्नाथी पुईद के कारदार चमन ठाकुर ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ किया जाएगा। मंदिर के मुख्य कपाट सुबह 8:30 बजे खुलेंगे। इसके बाद पुजारी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगे।
इसके अलावा वैष्णो माता, शीतला माता, ज्वाला माता, देवी पार्वती, दशमी वारदा, दोचामोचा, देवी हिडिंबा, बूढ़ी नागिन सरयोलसर और नैना माता मणिकर्ण के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होगी। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु इन मंदिरों में पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेंगे। मनोज पंडित ने बताया कि शारदीय नवरात्र के आरंभ के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने लगती है। मान्यता के अनुसार, पहले नवरात्र पर मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। उनकी आराधना से सुख-समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने बताया कि कुल्लू जिले के देवी-देवताओं के मंदिरों में भी देव परंपराओं के अनुसार नवरात्र की पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिरों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गीता देवी, आरती ठाकुर, उमा देवी, दीपा और सुनीता ने कहा कि उन्हें शारदीय नवरात्रों का बेसब्री से इंतजार रहता है। वह नवरात्र में माता के मंदिर में जाकर सुख, शांति व समृद्धि की कामना करेंगी। संवाद
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घाटी के माता जगन्नाथी पुईद और माता भुवनेश्वरी भेखली सहित अन्य मंदिरों में देव परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माता जगन्नाथी पुईद के कारदार चमन ठाकुर ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ किया जाएगा। मंदिर के मुख्य कपाट सुबह 8:30 बजे खुलेंगे। इसके बाद पुजारी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगे।
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इसके अलावा वैष्णो माता, शीतला माता, ज्वाला माता, देवी पार्वती, दशमी वारदा, दोचामोचा, देवी हिडिंबा, बूढ़ी नागिन सरयोलसर और नैना माता मणिकर्ण के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होगी। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु इन मंदिरों में पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेंगे। मनोज पंडित ने बताया कि शारदीय नवरात्र के आरंभ के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने लगती है। मान्यता के अनुसार, पहले नवरात्र पर मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। उनकी आराधना से सुख-समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने बताया कि कुल्लू जिले के देवी-देवताओं के मंदिरों में भी देव परंपराओं के अनुसार नवरात्र की पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिरों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गीता देवी, आरती ठाकुर, उमा देवी, दीपा और सुनीता ने कहा कि उन्हें शारदीय नवरात्रों का बेसब्री से इंतजार रहता है। वह नवरात्र में माता के मंदिर में जाकर सुख, शांति व समृद्धि की कामना करेंगी। संवाद