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बच्चों को टीका लगाने के लिए जागरूक कर रहे शिक्षक
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शकोली में स्वास्थ्य विभाग की वैक्सीनेशन टीम का खतग पहना कर स्व?
- फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में 12 से 14 साल तक के बच्चों को स्वास्थ्य विभाग कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगा रहा है। पांच से 11 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि लाहौल घाटी में स्वास्थ्य विभाग कोरोना वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने के करीब है।
घाटी में सभी 712 बच्चों को पहली डोज लग चुकी है। अब दूसरी डोज लगाने का काम चल रहा है। हालांकि बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। स्कूलों में अध्यापक बच्चों को कोरोना टीकाकरण को लेकर जागरूक कर रहे हैं। बच्चे भी टीकाकरण टीम का स्कूल आने पर भव्य स्वागत कर रहे हैं। दूसरी डोज भी करीब 210 बच्चों को लगा दी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शकोली के बच्चों ने टीकाकरण के लिए पहुंची स्वास्थ्य टीम का खतग पहना कर स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य सहित अध्यापकों ने बच्चों को कोविड नियमों के पालन के साथ टीकाकरण को लेकर जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा जिले में 12 से 14 साल तक के 210 बच्चों को दूसरी डोज लगा दी है।
वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई
शकोली पाठशाला की छात्रा मनीषा ने कहा उन्हें वैक्सीन की पहली डोज एक अप्रैल को लगी थी और अब दूसरी डोज भी लग गई है। पाठशाला के समस्त अध्यापक उन्हें टीकाकरण को लेकर जानकारी देते रहते हैं।
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दुर्गम क्षेत्र में भी समय पर टीकाकरण
छात्रा करिश्मा का कहना है कि टीकाकरण के लिए वह सरकार व स्वास्थ्य विभाग का आभार करना चाहती है। लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र के बच्चों को भी समय पर कोरोना से बचाव का टीका मुहैया करवाया है।
बारी आने पर टीका लगवाएं बच्चे
छात्र नीरज का कहना है कि कोरोना का टीका रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे डरना नहीं चाहिए और सभी बच्चों को बारी आने पर टीका लगवाना चाहिए। अध्यापक भी इसके लिए जागरूक कर रहे हैं।
टीका लगाने के बता रहे फायदे
छात्र गौरव का कहना है कि टीकाकरण को लेकर वह अपनी कक्षा में एक- दूसरे से चर्चा भी करते रहते हैं। टीका लगाने के फायदे भी बताए जा रहे हैं। अध्यापक कोरोना से बचाव और टीके की जानकारी दे रहे हैं।
कक्षाओं में पढ़ाई समय कर रहे प्रेरित
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शकोली स्कूल के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने कहा कि शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाई समय टीकाकरण को लेकर प्रेरित कर रहे हैं। टीकाकरण क्यों जरूरी है, इसके बारे में भी बताया जा रहा है।
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में 12 से 14 साल तक के बच्चों को स्वास्थ्य विभाग कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगा रहा है। पांच से 11 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि लाहौल घाटी में स्वास्थ्य विभाग कोरोना वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने के करीब है।
घाटी में सभी 712 बच्चों को पहली डोज लग चुकी है। अब दूसरी डोज लगाने का काम चल रहा है। हालांकि बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। स्कूलों में अध्यापक बच्चों को कोरोना टीकाकरण को लेकर जागरूक कर रहे हैं। बच्चे भी टीकाकरण टीम का स्कूल आने पर भव्य स्वागत कर रहे हैं। दूसरी डोज भी करीब 210 बच्चों को लगा दी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शकोली के बच्चों ने टीकाकरण के लिए पहुंची स्वास्थ्य टीम का खतग पहना कर स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य सहित अध्यापकों ने बच्चों को कोविड नियमों के पालन के साथ टीकाकरण को लेकर जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा जिले में 12 से 14 साल तक के 210 बच्चों को दूसरी डोज लगा दी है।
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वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई
शकोली पाठशाला की छात्रा मनीषा ने कहा उन्हें वैक्सीन की पहली डोज एक अप्रैल को लगी थी और अब दूसरी डोज भी लग गई है। पाठशाला के समस्त अध्यापक उन्हें टीकाकरण को लेकर जानकारी देते रहते हैं।
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दुर्गम क्षेत्र में भी समय पर टीकाकरण
छात्रा करिश्मा का कहना है कि टीकाकरण के लिए वह सरकार व स्वास्थ्य विभाग का आभार करना चाहती है। लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्र के बच्चों को भी समय पर कोरोना से बचाव का टीका मुहैया करवाया है।
बारी आने पर टीका लगवाएं बच्चे
छात्र नीरज का कहना है कि कोरोना का टीका रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे डरना नहीं चाहिए और सभी बच्चों को बारी आने पर टीका लगवाना चाहिए। अध्यापक भी इसके लिए जागरूक कर रहे हैं।
टीका लगाने के बता रहे फायदे
छात्र गौरव का कहना है कि टीकाकरण को लेकर वह अपनी कक्षा में एक- दूसरे से चर्चा भी करते रहते हैं। टीका लगाने के फायदे भी बताए जा रहे हैं। अध्यापक कोरोना से बचाव और टीके की जानकारी दे रहे हैं।
कक्षाओं में पढ़ाई समय कर रहे प्रेरित
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शकोली स्कूल के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने कहा कि शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाई समय टीकाकरण को लेकर प्रेरित कर रहे हैं। टीकाकरण क्यों जरूरी है, इसके बारे में भी बताया जा रहा है।