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मनाली को टीसीपी से बाहर करने की मांग
ब्यूरो /अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:12 PM IST
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होटलियर्स एसोसिएशन ने बुधवार को मिनी सचिवालय मनाली में बैठक आयोजित की। इसमें आसपास गांव के ग्रामीणों सहित टीसीपी के अधिकारियों ने भाग लिया। होटलियर्स एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि टीसीपी के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतें आ रही है। उन्होंने बताया कि 2004 में गांव को भी टीसीपी में शामिल कर लिया गया है जिससे उन्हें अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मथियाना गांव के सुरेश ठाकुर ने कहा कि गांव में न तो सड़क सुविधा है न ही सीवरेज व्यवस्था।
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उन्होंने कहा कि टीसीपी के कारण उन्हें भवन निमॉण में दिक्कतें आ रही है इसलिए उन्हें टीसीपी से बाहर किया जाए। मनाली गांव के राजेश ने कहा कि टीसीपी में शामिल करने के बाद उनके गांव का विकास रुक गया है। उन्होंने कहा कि दिक्कतों के कारण ही लोग टीसीपी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाईयों का साझा खाता होने के कारण टीसीपी फीट नहीं बैठ रहा। इसलिए उनके गांव को टीसीपी से बाहर किया जाए। ग्रामीण नानक ठाकुर ने भी टीसीपी की औपचारिकताओं पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को घरों का निर्माण करने में दिक्कतें आ रही है। मोहन वोकटपा ने भी गांव को टीसीपी से बाहर रखने का आग्रह किया। बैठक में उपस्थित दर्जनों लोगों ने टीसीपी की औपचारिकताओं पर नाराजगी जताई और मनाली के साथ लगते सभी ग्रामीण क्षेत्रों को टीसीपी से बाहर रखने का आग्रह किया। टाउन एंड कंट्री प्लानर कुल्लू अंजली शर्मा ने ग्रामीणों को टीसीपी की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया।
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उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा दिए गए सुझावों को वे सरकार तक पहुंचाएंगे। शर्मा ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि टीसीपी उनके भले के लिए है इसलिए लोग औपचारिकताओं का पालन करें। योजना अधिकारी मनाली सानिका पठानिया ने कहा कि विभाग ग्रामीणों का यथासंभव मदद कर रहा है।