{"_id":"68ab4640151d4b97b8030a8f","slug":"tb-patients-are-being-detected-through-x-ray-examination-in-kullu-kullu-news-c-89-1-ssml1015-155391-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: कुल्लू में एक्सरे जांच से खोजे जा रहे टीबी के रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: कुल्लू में एक्सरे जांच से खोजे जा रहे टीबी के रोगी
Sun, 24 Aug 2025 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 24 Aug 2025 10:35 PM IST
विज्ञापन
अभियान में जुटीं जिले कह 525 आशा कार्यकर्ता, स्क्रीनिंग और सैंपलिंग भी करेगा विभाग
उच्च जाेखिम आबादी की श्रेणी में आने वाले लोगों की होगी 100 फीसदी एक्सरे स्क्रीनिंग
राजीव नैय्यर
कुल्लू। क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में कुल्लू जिला ठोस कदम उठा रहा है। अब लक्षणों की पहचान के साथ एक्सरे स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि हाई रिस्क आबादी में टीबी के हर संभावित मरीज को समय रहते चिह्नित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य वर्ष के अंत तक जिला को क्षय मुक्त घोषित करना है।
गौर रहे कि जिले में क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए अब उच्च जाेखिम आबादी की श्रेणी में आने वाले लोगों की 100 फीसदी एक्सरे स्क्रीनिंग की जानी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर जांच शुरू कर दी है। खास बात है कि प्रदेश को इसी साल के अंत तक क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग हर क्षेत्र में लोगों की स्क्रीनिंग और सैंपलिंग कर रहा है। लोगों की स्क्रीनिंग का जिम्मा 525 आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि कुल्लू को प्रदेश का पहला क्षय रोग मुक्त जिला बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों के अनुसार उच्च जोखिम आबादी में क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है। इससे पहले राज्य की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार खंड स्तर पर सूची तैयार कर जिला मुख्यालय के लिए मंगवाई गई थी ताकि उन क्षेत्रों के लोगों की 100 फीसदी एक्स-रे स्क्रीनिंग करवाई जा सके।
विज्ञापन
--
इन श्रेणियों के लोगों की होगी स्क्रीनिंग
असुरक्षित जनसंख्या, चिह्नित संवेदनशील व्यक्ति, मधुमेह रोगी, कुपोषित व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, धूम्रपान व शराब पीने वाले व्यक्ति, पिछले तीन वर्षों क्षय रोगियों के संपर्क में आए व्यक्ति, पिछले पांच सालों के क्षय रोगी, जेल में कैदियों, वृद्धाश्रमों व अनाथालय में में रहने वालों, निराश्रितों, आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, उद्योग या अस्थायी आवासीय सेटिंग के श्रमिकों, झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले, कैंसर, किडनी, इम्यूनोसप्रेसेंट, अस्थमा, उच्च रक्तचाप रोगियों, निर्माण स्थल श्रमिक, गर्भवती महिलाओं आदि की स्क्रीनिंग होगी।
--
विज्ञापन
उच्च जाेखिम आबादी की श्रेणी में आने वाले लोगों की होगी 100 फीसदी एक्सरे स्क्रीनिंग
राजीव नैय्यर
कुल्लू। क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में कुल्लू जिला ठोस कदम उठा रहा है। अब लक्षणों की पहचान के साथ एक्सरे स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि हाई रिस्क आबादी में टीबी के हर संभावित मरीज को समय रहते चिह्नित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य वर्ष के अंत तक जिला को क्षय मुक्त घोषित करना है।
गौर रहे कि जिले में क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए अब उच्च जाेखिम आबादी की श्रेणी में आने वाले लोगों की 100 फीसदी एक्सरे स्क्रीनिंग की जानी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर जांच शुरू कर दी है। खास बात है कि प्रदेश को इसी साल के अंत तक क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग हर क्षेत्र में लोगों की स्क्रीनिंग और सैंपलिंग कर रहा है। लोगों की स्क्रीनिंग का जिम्मा 525 आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा गया है।
विज्ञापन
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि कुल्लू को प्रदेश का पहला क्षय रोग मुक्त जिला बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों के अनुसार उच्च जोखिम आबादी में क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है। इससे पहले राज्य की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार खंड स्तर पर सूची तैयार कर जिला मुख्यालय के लिए मंगवाई गई थी ताकि उन क्षेत्रों के लोगों की 100 फीसदी एक्स-रे स्क्रीनिंग करवाई जा सके।
विज्ञापन
इन श्रेणियों के लोगों की होगी स्क्रीनिंग
असुरक्षित जनसंख्या, चिह्नित संवेदनशील व्यक्ति, मधुमेह रोगी, कुपोषित व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, धूम्रपान व शराब पीने वाले व्यक्ति, पिछले तीन वर्षों क्षय रोगियों के संपर्क में आए व्यक्ति, पिछले पांच सालों के क्षय रोगी, जेल में कैदियों, वृद्धाश्रमों व अनाथालय में में रहने वालों, निराश्रितों, आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, उद्योग या अस्थायी आवासीय सेटिंग के श्रमिकों, झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले, कैंसर, किडनी, इम्यूनोसप्रेसेंट, अस्थमा, उच्च रक्तचाप रोगियों, निर्माण स्थल श्रमिक, गर्भवती महिलाओं आदि की स्क्रीनिंग होगी।