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Kullu News: समर सीजन ढलान पर, फिर भी रोज पहुंच रहे पांच हजार वाहन
Thu, 25 Jun 2026 04:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 25 Jun 2026 04:19 AM IST
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पतलीकूहल (कुल्लू)। प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू और मनाली में समर पर्यटन सीजन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है लेकिन पर्यटकों का उत्साह अभी भी बरकरार है। कुल्लू घाटी में रोजाना करीब पांच हजार वाहन प्रवेश कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां चरम पर हैं।
हालांकि मैदानी इलाकों में स्कूल-कॉलेज एक जुलाई से खुलने के चलते अब पर्यटन कारोबार पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है। मनाली, सोलंग घाटी, अटल टनल रोहतांग, नग्गर, कसोल, मणिकर्ण, पतलीकूहल, तीर्थन और जिभी घाटी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है।
मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी हिमालय की ठंडी वादियों का रुख कर रहे हैं। सुबह से देर शाम तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी चहल-पहल बनी हुई है। बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते कई जगह जाम की स्थिति भी बन रही है।
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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में मई-जून के दौरान पड़ने वाली गर्मियों की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक परिवार समेत कुल्लू-मनाली पहुंचे। इसका सीधा लाभ पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी वर्गों को मिला।
होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, सड़क किनारे ढाबे, टैक्सी ऑपरेटर, साहसिक गतिविधियों से जुड़े कारोबारी, स्थानीय दुकानदार और हस्तशिल्प विक्रेता इन दिनों अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 से 90 फीसदी तक बनी हुई है।
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि समर सीजन पूरे साल के सबसे महत्वपूर्ण सीजन में से एक होता है। रेस्तरां और ढाबों में स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट पकवान भी पर्यटकों को परोसे जा रहे हैं।
चुनौतियां रहीं फिर भी पर्यटन उद्योग को मिली मजबूती : रोशन
मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष सीजन की शुरुआत कुछ चुनौतियों के साथ हुई थी। रसोई गैस सिलिंडरों की कमी के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों को शुरुआती दिनों में परेशानी झेलनी पड़ी, जिससे पर्यटकों को सेवाएं देने में भी दिक्कतें आईं। इसके बावजूद इस बार का समर सीजन कुल मिलाकर संतोषजनक रहा। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन उद्योग को मजबूती मिली है और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।
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हालांकि मैदानी इलाकों में स्कूल-कॉलेज एक जुलाई से खुलने के चलते अब पर्यटन कारोबार पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है। मनाली, सोलंग घाटी, अटल टनल रोहतांग, नग्गर, कसोल, मणिकर्ण, पतलीकूहल, तीर्थन और जिभी घाटी समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है।
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मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी हिमालय की ठंडी वादियों का रुख कर रहे हैं। सुबह से देर शाम तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी चहल-पहल बनी हुई है। बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते कई जगह जाम की स्थिति भी बन रही है।
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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में मई-जून के दौरान पड़ने वाली गर्मियों की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक परिवार समेत कुल्लू-मनाली पहुंचे। इसका सीधा लाभ पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी वर्गों को मिला।
होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, सड़क किनारे ढाबे, टैक्सी ऑपरेटर, साहसिक गतिविधियों से जुड़े कारोबारी, स्थानीय दुकानदार और हस्तशिल्प विक्रेता इन दिनों अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 से 90 फीसदी तक बनी हुई है।
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि समर सीजन पूरे साल के सबसे महत्वपूर्ण सीजन में से एक होता है। रेस्तरां और ढाबों में स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट पकवान भी पर्यटकों को परोसे जा रहे हैं।
चुनौतियां रहीं फिर भी पर्यटन उद्योग को मिली मजबूती : रोशन
मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष सीजन की शुरुआत कुछ चुनौतियों के साथ हुई थी। रसोई गैस सिलिंडरों की कमी के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों को शुरुआती दिनों में परेशानी झेलनी पड़ी, जिससे पर्यटकों को सेवाएं देने में भी दिक्कतें आईं। इसके बावजूद इस बार का समर सीजन कुल मिलाकर संतोषजनक रहा। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन उद्योग को मजबूती मिली है और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।