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तनाव है उच्च रक्तचाप का कारण : उषा
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गड़सा में विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर विद्यार्थी किए जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक सायलेंट किलर है। हर चौथा व्यक्ति उच्च रक्तचाप बीमारी से ग्रसित है। उच्च रक्तचाप की चपेट में आने का मुख्य कारण अव्यवस्थित दिनचर्या और तनाव है।
आधुनिकता के इस दौर में लोग व्यवस्थित दिनचर्या पर ध्यान नहीं देते, जिसके कारण उच्च रक्तचाप की चपेट में आ जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा शर्मा ने कहा कि उच्च रक्तचाप से बचने के लिए व्यवस्थित दिनचर्या जरूरी है। निजी कॉलेज गड़सा में वीरवार को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया। कॉलेज के विद्यार्थियों को उच्च रक्तचाप बीमारी के बारे में बताया। लक्षणों की पहचान कर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता भी करवाई। इसमें विद्यार्थी अनुराग ने प्रथम, आरजू ने द्वितीय, विकास ने तृतीय, सरोजनी ने चौथा और सोनिया ने पांचवां स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक राज कुमार ने कहा कि लगातार सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, अंगों का फड़कना और नाक बहना आदि कुछ ऐसे मामूली लक्षण हैं।
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इन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन यह हाइपरटेंशन के लक्षण हो सकते हैं। शारीरिक और मानसिक कारणों से भी लोग इस बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के ऊपर पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में दिल का दौरा या स्ट्रोक, एन्यूरिज्म, अंग की खराबी, दृष्टिहानि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान पर्यवेक्षक प्रेमचंद आदि उपस्थित रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक सायलेंट किलर है। हर चौथा व्यक्ति उच्च रक्तचाप बीमारी से ग्रसित है। उच्च रक्तचाप की चपेट में आने का मुख्य कारण अव्यवस्थित दिनचर्या और तनाव है।
आधुनिकता के इस दौर में लोग व्यवस्थित दिनचर्या पर ध्यान नहीं देते, जिसके कारण उच्च रक्तचाप की चपेट में आ जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा शर्मा ने कहा कि उच्च रक्तचाप से बचने के लिए व्यवस्थित दिनचर्या जरूरी है। निजी कॉलेज गड़सा में वीरवार को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया। कॉलेज के विद्यार्थियों को उच्च रक्तचाप बीमारी के बारे में बताया। लक्षणों की पहचान कर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
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इस दौरान विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता भी करवाई। इसमें विद्यार्थी अनुराग ने प्रथम, आरजू ने द्वितीय, विकास ने तृतीय, सरोजनी ने चौथा और सोनिया ने पांचवां स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक राज कुमार ने कहा कि लगातार सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, अंगों का फड़कना और नाक बहना आदि कुछ ऐसे मामूली लक्षण हैं।
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इन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन यह हाइपरटेंशन के लक्षण हो सकते हैं। शारीरिक और मानसिक कारणों से भी लोग इस बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के ऊपर पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में दिल का दौरा या स्ट्रोक, एन्यूरिज्म, अंग की खराबी, दृष्टिहानि जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान पर्यवेक्षक प्रेमचंद आदि उपस्थित रहे। संवाद
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