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Kullu News: बर्फ से ढके पहाड़ पर उछलते-कूदते लाइव हुआ हिम तेंदुआ
Thu, 06 Mar 2025 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 06 Mar 2025 10:53 PM IST
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खास खबरबर्फ से ढके पहाड़ पर उछलते-कूदते लाइव हुआ हिम तेंदुआ
दारा फाल के पहाड़ पर फूड़ा के प्रीतम सिंह ने किया लाइव
3,000 से 5,000 मीटर की ऊंचाई पर विचरण वाला है प्राणी
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी वन्य प्राणी के लिए अच्छा संकेत दे रही है। लाहौल की पहाड़ियों में कई प्रजातियों के वन्यजीव पाए जा रहे हैं, जिनकी लोगों ने सिर्फ बातें ही सुनी हैं।
बुधवार को फूड़ा गांव के प्रीतम सिंह ने दारा फाल के पहाड़ पर बर्फ में भागता एक हिम तेंदुए को फेसबुक के माध्यम से लाइव किया। 20 मिनट तक हिम तेंदुए को बर्फ से ढके पहाड़ पर उछलते कूदते देखा गया।
आठ फरवरी को ही दारा फाल से लगते जोबरंग की तरफ इसी पहाड़ पर स्थानीय शोधार्थी दीपेंद्र ओथंगबा ने दो आईबैक्स ( टंगरोल) के बीच एक हिमालयन थार को अपने कैमरे में कैद किया था। 19 फरवरी को ही इसी पहाड़ पर दीपेंद्र ओथंगबा और अमीर जस्पा ने रापे गांव से करीवन 2000 मीटर दूर जोबरंग की पहाड़ पर हिम तेंदुए को भी अपने कैमरे में कैद किया था। उससे पहले यांगला पुल से ऊपर भी बर्फ से गुजरते एक मादा और उसके दो बच्चे भी स्थानीय लोगों ने मोबाइल कैमरे में कैद किए थे। ठंड में पहाड़ के ऊपरी हिस्सों में पानी जम जाता है, ऐसे में यहां के पहाड़ों में विचरने वाले वन्य जीव प्यास बुझाने और वनस्पतियों की तलाश के लिए निचले की ओर रुख करते हैं। फूड़ा गांव के प्रीतम सिंह ने बताया कि हालिंग से जब उसकी नजर अचानक दारा फाल पड़ी तो उसे बर्फ में दौड़ता हिम तेंदुआ नजर आया, जिसे उसने 20 मिनट तक लाइव दिखाया।
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वहीं लाहौल वन मंडलाधिकारी अनिकेत मारुति वानवे ने कहा कि हिम तेंदुए मुख्यतः उतरी भारत के कुछ हिस्से जैसे लद्दाख़, हिमाचल प्रदेश, उतराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में पाया जाता है। यह स्तनधारी जानवर और नस्लीय बिल्ली प्रजाति में आता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नाम में इसे पैंथेरा उनिया के नाम से भी जाना जाता है।
..संवाद
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दारा फाल के पहाड़ पर फूड़ा के प्रीतम सिंह ने किया लाइव
3,000 से 5,000 मीटर की ऊंचाई पर विचरण वाला है प्राणी
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी वन्य प्राणी के लिए अच्छा संकेत दे रही है। लाहौल की पहाड़ियों में कई प्रजातियों के वन्यजीव पाए जा रहे हैं, जिनकी लोगों ने सिर्फ बातें ही सुनी हैं।
बुधवार को फूड़ा गांव के प्रीतम सिंह ने दारा फाल के पहाड़ पर बर्फ में भागता एक हिम तेंदुए को फेसबुक के माध्यम से लाइव किया। 20 मिनट तक हिम तेंदुए को बर्फ से ढके पहाड़ पर उछलते कूदते देखा गया।
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आठ फरवरी को ही दारा फाल से लगते जोबरंग की तरफ इसी पहाड़ पर स्थानीय शोधार्थी दीपेंद्र ओथंगबा ने दो आईबैक्स ( टंगरोल) के बीच एक हिमालयन थार को अपने कैमरे में कैद किया था। 19 फरवरी को ही इसी पहाड़ पर दीपेंद्र ओथंगबा और अमीर जस्पा ने रापे गांव से करीवन 2000 मीटर दूर जोबरंग की पहाड़ पर हिम तेंदुए को भी अपने कैमरे में कैद किया था। उससे पहले यांगला पुल से ऊपर भी बर्फ से गुजरते एक मादा और उसके दो बच्चे भी स्थानीय लोगों ने मोबाइल कैमरे में कैद किए थे। ठंड में पहाड़ के ऊपरी हिस्सों में पानी जम जाता है, ऐसे में यहां के पहाड़ों में विचरने वाले वन्य जीव प्यास बुझाने और वनस्पतियों की तलाश के लिए निचले की ओर रुख करते हैं। फूड़ा गांव के प्रीतम सिंह ने बताया कि हालिंग से जब उसकी नजर अचानक दारा फाल पड़ी तो उसे बर्फ में दौड़ता हिम तेंदुआ नजर आया, जिसे उसने 20 मिनट तक लाइव दिखाया।
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वहीं लाहौल वन मंडलाधिकारी अनिकेत मारुति वानवे ने कहा कि हिम तेंदुए मुख्यतः उतरी भारत के कुछ हिस्से जैसे लद्दाख़, हिमाचल प्रदेश, उतराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में पाया जाता है। यह स्तनधारी जानवर और नस्लीय बिल्ली प्रजाति में आता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नाम में इसे पैंथेरा उनिया के नाम से भी जाना जाता है।
..संवाद