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जगती से नहीं, जन आंदोलन से रद्द हुआ था स्की विलेज : गुमान
Sat, 01 Nov 2025 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 01 Nov 2025 10:03 PM IST
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बोले- हमने लड़ी है स्की विलेज के विरोध में लड़ाई, कोर्ट में जीता था केस
कभी सरकार के साथ तो कभी प्रोजेक्ट के विरोध में होते हैं जगती करवाने वाले कर्ता-धर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह और जनजागरण मंच के पूर्व अध्यक्ष लाल चंद कटोच और महासचिव डाॅ. पुष्पाल चंद ठाकुर ने कहा कि स्की विलेज जगती से नहीं, बल्कि जन आंदोलन से निरस्त हुआ था।
गुमान सिंह ने कहा कि जगती करवाने बाले कर्ता-धर्ता कभी सरकार के साथ होते हैं तो कभी प्रोजेक्ट के विरोध में। स्की विलेज की अंतिम सुनवाई तक जगती करवाने वाले सरकार के साथ खड़े थे न कि विरोध में। जन सुनवाई में हमारे हक में फैसला आया था और बाद में कोर्ट में हमने केस जीता था तब जाकर स्की विलेज निरस्त हुआ था न कि देव जगती से। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे लाने वाले भी यही हैं। अब राजनीति के लिए विरोध का ड्रामा कर रहे हैं। जिस दिन टिकट मिल जाएगा, उस दिन फिर से रोपवे का राग अलापेंगे। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के विरोध को रोकने के लिए भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में एक समिति बनाई है जो तीन नवंबर को इनसे मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हम सभी पर्यावरण विद रोपवे के खिलाफ हैं। इस अति संवेदनशील इलाके में रोपवे नहीं बनना चाहिए और न ही हजारों की भीड़ यहां इकट्ठा करनी चाहिए। इसके लिए लोगों में जागरूकता और जन आंदोलन करने की जरूरत है न कि जगती। जिस का हमेशा से राजनीतिक उपयोग यह परिवार करता रहा है।
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कभी सरकार के साथ तो कभी प्रोजेक्ट के विरोध में होते हैं जगती करवाने वाले कर्ता-धर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह और जनजागरण मंच के पूर्व अध्यक्ष लाल चंद कटोच और महासचिव डाॅ. पुष्पाल चंद ठाकुर ने कहा कि स्की विलेज जगती से नहीं, बल्कि जन आंदोलन से निरस्त हुआ था।
गुमान सिंह ने कहा कि जगती करवाने बाले कर्ता-धर्ता कभी सरकार के साथ होते हैं तो कभी प्रोजेक्ट के विरोध में। स्की विलेज की अंतिम सुनवाई तक जगती करवाने वाले सरकार के साथ खड़े थे न कि विरोध में। जन सुनवाई में हमारे हक में फैसला आया था और बाद में कोर्ट में हमने केस जीता था तब जाकर स्की विलेज निरस्त हुआ था न कि देव जगती से। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे लाने वाले भी यही हैं। अब राजनीति के लिए विरोध का ड्रामा कर रहे हैं। जिस दिन टिकट मिल जाएगा, उस दिन फिर से रोपवे का राग अलापेंगे। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के विरोध को रोकने के लिए भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में एक समिति बनाई है जो तीन नवंबर को इनसे मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि हम सभी पर्यावरण विद रोपवे के खिलाफ हैं। इस अति संवेदनशील इलाके में रोपवे नहीं बनना चाहिए और न ही हजारों की भीड़ यहां इकट्ठा करनी चाहिए। इसके लिए लोगों में जागरूकता और जन आंदोलन करने की जरूरत है न कि जगती। जिस का हमेशा से राजनीतिक उपयोग यह परिवार करता रहा है।
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