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सियाली, जुआणी महादेव और गणेश ने बिजली महादेव के लिए रवाना
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जुआणी महादेव मंदिर में परंपरा निभाते हुए देवता जुआणी महादेव, सियाली महादेव और गणपति।
- फोटो : Kullu
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कुल्लू/खराहल। आराध्य देवता सियाली महादेव और घौड़दौड़ के गणपति देवता, जुआणी महादेव ने बिजली महादेव मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
गौरतलब है कि सियाली महादेव और गणपति देवता 18 सालों के बाद कुल्लू घाटी की परिक्रमा के लिए निकले हैं। देवता सोमवार शाम जुआणी महादेव के न्योली मंदिर पहुंचे थे। यहां पर देवताओं का रात्रि का ठहराव हुआ। मंगलवार सुबह देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद ढोल-नगाड़ों और रणसिंघों की मंगल ध्वनि के बीच देव परंपरा का निर्वहन किया गया। इस मौके पर मंदिर में देवभोज का आयोजन किया गया।
देवता जुआणी महादेव के कारदार ओमप्रकाश महंत ने कहा कि दोनों देवताओं के के सम्मान में देव भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देवलुओं को देव भोज का प्रसाद बांटा गया। इसके बाद देवताओं की विदाई हुई।
सियाली महादेव के कारदार जय चंद ठाकुर ने कहा कि देवता 18 साल बाद कुल्लू घाटी की परिक्रमा कर रहे हैं। यह परिक्रमा घाटी में सुख-शांति और खुशहाली के लिए की जाती है। मंगलवार को सियाली महादेव और गणेश का धार्ठ में रात्रि ठहराव होगा। बुधवार को देवता बिजली महादेव के मंदिर में पहुंचेंगे। इसके बाद देवता के आदेश पर यात्रा शुरू की जाएगी।
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गौरतलब है कि सियाली महादेव और गणपति देवता 18 सालों के बाद कुल्लू घाटी की परिक्रमा के लिए निकले हैं। देवता सोमवार शाम जुआणी महादेव के न्योली मंदिर पहुंचे थे। यहां पर देवताओं का रात्रि का ठहराव हुआ। मंगलवार सुबह देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद ढोल-नगाड़ों और रणसिंघों की मंगल ध्वनि के बीच देव परंपरा का निर्वहन किया गया। इस मौके पर मंदिर में देवभोज का आयोजन किया गया।
देवता जुआणी महादेव के कारदार ओमप्रकाश महंत ने कहा कि दोनों देवताओं के के सम्मान में देव भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देवलुओं को देव भोज का प्रसाद बांटा गया। इसके बाद देवताओं की विदाई हुई।
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सियाली महादेव के कारदार जय चंद ठाकुर ने कहा कि देवता 18 साल बाद कुल्लू घाटी की परिक्रमा कर रहे हैं। यह परिक्रमा घाटी में सुख-शांति और खुशहाली के लिए की जाती है। मंगलवार को सियाली महादेव और गणेश का धार्ठ में रात्रि ठहराव होगा। बुधवार को देवता बिजली महादेव के मंदिर में पहुंचेंगे। इसके बाद देवता के आदेश पर यात्रा शुरू की जाएगी।
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