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Kullu News: सिउंड-रैला-कमटन मार्ग 13 दिन बाद बहाल
Sat, 03 Oct 2026 06:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 03 Oct 2026 06:45 AM IST
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सैंज (कुल्लू)। आखिरकार 13 दिन बाद सिउंड-रैला-कमटन मार्ग शुक्रवार सुबह वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया। परियोजना प्रबंधन और प्रभावितों के बीच मांगों को लेकर चल रही तनातनी के कारण मार्ग बंद था।
वीरवार रात हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद एनएचपीसी ने मशीनें लगाकर मार्ग बहाली का काम शुरू किया और सुबह करीब 10:30 बजे मार्ग वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे दो पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
मार्ग बंद होने से क्षेत्र में दो हजार से अधिक सेब की पेटियां फंसी हुई थीं। बागवान सेब का तुड़ान भी नहीं कर पा रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही थी। वहीं, दुग्ध उत्पादक दूध बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे थे।
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इससे बागवानों, किसानों और दुग्ध उत्पादकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों ने प्रशासन से मार्ग जल्द बहाल करने की मांग की थी।
परियोजना प्रबंधन और प्रभावितों के बीच वीरवार देर रात तक चली बैठक में एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां और एसडीएम बंजार भी मौजूद रहे। अब स्थानीय लोगों के साथ बागवानों और दुग्ध उत्पादकों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय निवासी डावेराम, जयराम, ठाकुर दास, गंगा राम, लुदर चंद और यान सिंह नेगी ने कहा कि एपीएमसी चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद मामले का समाधान हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब परियोजना प्रबंधन नियमानुसार काम करेगा और लोगों के हितों की रक्षा करेगा।
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वीरवार रात हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद एनएचपीसी ने मशीनें लगाकर मार्ग बहाली का काम शुरू किया और सुबह करीब 10:30 बजे मार्ग वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे दो पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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मार्ग बंद होने से क्षेत्र में दो हजार से अधिक सेब की पेटियां फंसी हुई थीं। बागवान सेब का तुड़ान भी नहीं कर पा रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही थी। वहीं, दुग्ध उत्पादक दूध बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे थे।
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इससे बागवानों, किसानों और दुग्ध उत्पादकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों ने प्रशासन से मार्ग जल्द बहाल करने की मांग की थी।
परियोजना प्रबंधन और प्रभावितों के बीच वीरवार देर रात तक चली बैठक में एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां और एसडीएम बंजार भी मौजूद रहे। अब स्थानीय लोगों के साथ बागवानों और दुग्ध उत्पादकों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय निवासी डावेराम, जयराम, ठाकुर दास, गंगा राम, लुदर चंद और यान सिंह नेगी ने कहा कि एपीएमसी चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद मामले का समाधान हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब परियोजना प्रबंधन नियमानुसार काम करेगा और लोगों के हितों की रक्षा करेगा।