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चट्टानें गिरीं, 10 घंटे बंद रहा औट-लारजी-न्यूली मार्ग
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औट-लारजी-सैंज मार्ग से चट्टानें हटाती जेसीबी। -संवाद
- फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। पागलनाला के साथ लगती तलाड़ा पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने से औट-लारजी-न्यूली मार्ग 10 घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा। शुक्रवार देर रात को पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिरने से सड़क को भी नुकसान हुआ है।
मार्ग बंद होने के कारण रात भर कुछ वाहन फंसे रहे। शनिवार सुबह भी करीब चार किलोमीटर तक मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। निजी और सरकारी बसें भी फंसी रहीं। इससे सैकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी भेजकर कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे मार्ग यातायात के लिए बहाल किया। झाबे राम, यान सिंह, गविश, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, विनय, बिट्टू, नरोत्तम राम, देव राज और महिंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से तलाड़ा में फंसे रहे। कड़ाके की ठंड में सड़क बंद होने से काफी परेशानी हुई। कनौन पंचायत की पूर्व प्रधान किरना ठाकुर ने बताया कि कई लोग जान जोखिम में डालकर पैदल ही निकल गए। उधर, लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिशासी अभियंता चमन लाल ने बताया कि तलाड़ा के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरी हैं। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। दोपहर तक सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया गया। सैंज खंड कारदार संघ के अध्यक्ष भीमी राम ठाकुर ने बताया कि फाल्गुन संक्रांति के अवसर पर देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते हैं। लोग अपने ईष्ट देवताओं के आगमन पर पुश्तैनी घर आते हैं और देवता का स्वागत करते हैं, लेकिन सड़क बंद होने से कई लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ा।
इन रूटों पर नहीं चलीं बसें
सड़क बंद होने से सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी, सैंज-न्युली, सैंज-रैला, रोपा-शांघड, सैंज-फागला, सैंज-कनौन समेत अन्य सड़कों पर बसें नहीं चल पाईं। उधर, फाल्गुन संक्रांति के दिन सड़क बंद होने से देव समाज से जुड़े लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। इस दिन देवता स्वर्ग प्रवास से लौट आए। इसके चलते श्रद्धालु अपने ईष्ट देव के दर्शन करने के लिए समय पर नहीं पहुंच पाए। व्यापारियों को भी काफी नुकसान हुआ। हालांकि, स्कूल और सरकारी कार्यालयों में छुट्टी होने से सड़क बंद होने का अधिक असर नहीं पड़ा।
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सैंज (कुल्लू)। पागलनाला के साथ लगती तलाड़ा पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने से औट-लारजी-न्यूली मार्ग 10 घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा। शुक्रवार देर रात को पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिरने से सड़क को भी नुकसान हुआ है।
मार्ग बंद होने के कारण रात भर कुछ वाहन फंसे रहे। शनिवार सुबह भी करीब चार किलोमीटर तक मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। निजी और सरकारी बसें भी फंसी रहीं। इससे सैकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी भेजकर कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे मार्ग यातायात के लिए बहाल किया। झाबे राम, यान सिंह, गविश, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, विनय, बिट्टू, नरोत्तम राम, देव राज और महिंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से तलाड़ा में फंसे रहे। कड़ाके की ठंड में सड़क बंद होने से काफी परेशानी हुई। कनौन पंचायत की पूर्व प्रधान किरना ठाकुर ने बताया कि कई लोग जान जोखिम में डालकर पैदल ही निकल गए। उधर, लोक निर्माण विभाग बंजार के अधिशासी अभियंता चमन लाल ने बताया कि तलाड़ा के पास पहाड़ी से चट्टानें गिरी हैं। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। दोपहर तक सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया गया। सैंज खंड कारदार संघ के अध्यक्ष भीमी राम ठाकुर ने बताया कि फाल्गुन संक्रांति के अवसर पर देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते हैं। लोग अपने ईष्ट देवताओं के आगमन पर पुश्तैनी घर आते हैं और देवता का स्वागत करते हैं, लेकिन सड़क बंद होने से कई लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ा।
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इन रूटों पर नहीं चलीं बसें
सड़क बंद होने से सैंज-धाउगी, सैंज-देहुरी, सैंज-न्युली, सैंज-रैला, रोपा-शांघड, सैंज-फागला, सैंज-कनौन समेत अन्य सड़कों पर बसें नहीं चल पाईं। उधर, फाल्गुन संक्रांति के दिन सड़क बंद होने से देव समाज से जुड़े लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। इस दिन देवता स्वर्ग प्रवास से लौट आए। इसके चलते श्रद्धालु अपने ईष्ट देव के दर्शन करने के लिए समय पर नहीं पहुंच पाए। व्यापारियों को भी काफी नुकसान हुआ। हालांकि, स्कूल और सरकारी कार्यालयों में छुट्टी होने से सड़क बंद होने का अधिक असर नहीं पड़ा।
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