{"_id":"67717ebcc7ba5ca9ef04eeda","slug":"rain-became-lifeline-for-garlic-and-peas-kullu-news-c-89-1-ssml1015-137984-2024-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: लहसुन-मटर के लिए संजीवनी बनी बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: लहसुन-मटर के लिए संजीवनी बनी बारिश
Sun, 29 Dec 2024 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 29 Dec 2024 10:24 PM IST
विज्ञापन
सैंज घाटी में 500 बीघा भूमि में उगाई हैं सब्जियां
किसानों के खिले चेहरे, फसलें होने लगी हरी भरी
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले में हुई बारिश और बर्फबारी किसानों के लिए राहत बन गई है। बारिश होने से सूखने की कगार पर पहुंची लहसुन और मटर की फसल को दोबारा संजीवनी मिली है।
इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सैंज घाटी में करीब 500 बीघा भूमि में किसानों ने लहसुन, मटर, गोभी के अलावा अन्य सब्जियां उगाई हैं।
किसान रंंजीत, ओम शर्मा, किशोरी लाल, भादर सिंह, शेर सिंह, बुध राम और निमत राम ने कहा कि लहसुन और मटर की फसल के लिए बारिश की जरूरत थी। दोनों फसलें खेतों में सूखने लग गई थी। जब से बिजाई की है, उसके बाद से बारिश नहीं हो पाई है। सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण फसलों का सूखना शुरू हो गया था। लहसुन खेतों में पीली पड़ने लग पड़ी थी, लेकिन दो दिन तक हुई बारिश से लहसुन और मटर की फसल दोबारा हरी भरी होने लगी है। बारिश से खेतों में नमी आने से अच्छी फसल की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जिले में गेहूं और जौ की भी बिजाई शुरू होगी।
कृषि विकास अधिकारी बंजार डूर सिंह ने कहा कि कृषि के लिए नियमित रूप से बारिश की जरूरत है। जिले की अधिकतर खेती बारिश पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि बारिश से मटर, लहसुन और गोभी आदि फसलों को फायदा होगा।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
किसानों के खिले चेहरे, फसलें होने लगी हरी भरी
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले में हुई बारिश और बर्फबारी किसानों के लिए राहत बन गई है। बारिश होने से सूखने की कगार पर पहुंची लहसुन और मटर की फसल को दोबारा संजीवनी मिली है।
इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सैंज घाटी में करीब 500 बीघा भूमि में किसानों ने लहसुन, मटर, गोभी के अलावा अन्य सब्जियां उगाई हैं।
किसान रंंजीत, ओम शर्मा, किशोरी लाल, भादर सिंह, शेर सिंह, बुध राम और निमत राम ने कहा कि लहसुन और मटर की फसल के लिए बारिश की जरूरत थी। दोनों फसलें खेतों में सूखने लग गई थी। जब से बिजाई की है, उसके बाद से बारिश नहीं हो पाई है। सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण फसलों का सूखना शुरू हो गया था। लहसुन खेतों में पीली पड़ने लग पड़ी थी, लेकिन दो दिन तक हुई बारिश से लहसुन और मटर की फसल दोबारा हरी भरी होने लगी है। बारिश से खेतों में नमी आने से अच्छी फसल की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जिले में गेहूं और जौ की भी बिजाई शुरू होगी।
विज्ञापन
कृषि विकास अधिकारी बंजार डूर सिंह ने कहा कि कृषि के लिए नियमित रूप से बारिश की जरूरत है। जिले की अधिकतर खेती बारिश पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि बारिश से मटर, लहसुन और गोभी आदि फसलों को फायदा होगा।
विज्ञापन