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Kullu News: बिजली महादेव की पहाड़ी पर आग का तांडव
Thu, 05 Nov 2026 11:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 05 Nov 2026 11:20 AM IST
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बिजली महादेव की पहाड़ी में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद
कुल्लू। जिले के बिजली महादेव की पहाड़ी पर जंगलों में लगी आग ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार दोपहर बाद शुरू हुई आग बुधवार सुबह तक सुलगती रही।
इसकी चपेट में आकर वर्ष 2024 और 2025 में करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे गए नए पौधे जल गए। वहीं, लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पति (ग्राउंड फ्लोरा) को भी नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी से सटे जिया और तलोगी के जंगलों में भी आग लगने से वन संपदा प्रभावित हुई है।
आग की लपटें गांवों की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। वन विभाग, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का अभियान चलाया। जिया गांव के समीप फेटा वन में आग आबादी तक पहुंच गई थी। ऐसे में उपप्रधान ललित जंबाल के नेतृत्व में करीब 30 ग्रामीण वन विभाग की टीम के साथ आग बुझाने में जुट गए।
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ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने देर रात करीब ढाई बजे तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह दोबारा आग बुझाने का काम शुरू किया गया और पूर्वाह्न 11:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
15 मिनट में मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम
अग्निशमन विभाग कुल्लू के प्रभारी प्रेम भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार शाम 5:15 बजे जिया और रात 8:08 बजे तलोगी के जंगलों में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम रवाना हुई और 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई। दोनों घटनाओं में करीब 80 हजार रुपये के छोटे वन पौधे जल गए, जबकि विभाग की तत्परता से लगभग पांच लाख रुपये की अन्य वन संपदा को बचा लिया गया।
आग लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग
उपप्रधान ललित जंबाल ने जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जंगलों की आग से केवल पौधरोपण ही नष्ट नहीं होता, बल्कि प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों के आवास को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में वन संपदा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई करना जरूरी है।
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इसकी चपेट में आकर वर्ष 2024 और 2025 में करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे गए नए पौधे जल गए। वहीं, लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पति (ग्राउंड फ्लोरा) को भी नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी से सटे जिया और तलोगी के जंगलों में भी आग लगने से वन संपदा प्रभावित हुई है।
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आग की लपटें गांवों की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। वन विभाग, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का अभियान चलाया। जिया गांव के समीप फेटा वन में आग आबादी तक पहुंच गई थी। ऐसे में उपप्रधान ललित जंबाल के नेतृत्व में करीब 30 ग्रामीण वन विभाग की टीम के साथ आग बुझाने में जुट गए।
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ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने देर रात करीब ढाई बजे तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह दोबारा आग बुझाने का काम शुरू किया गया और पूर्वाह्न 11:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
15 मिनट में मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम
अग्निशमन विभाग कुल्लू के प्रभारी प्रेम भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार शाम 5:15 बजे जिया और रात 8:08 बजे तलोगी के जंगलों में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम रवाना हुई और 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई। दोनों घटनाओं में करीब 80 हजार रुपये के छोटे वन पौधे जल गए, जबकि विभाग की तत्परता से लगभग पांच लाख रुपये की अन्य वन संपदा को बचा लिया गया।
आग लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग
उपप्रधान ललित जंबाल ने जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जंगलों की आग से केवल पौधरोपण ही नष्ट नहीं होता, बल्कि प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों के आवास को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में वन संपदा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई करना जरूरी है।

बिजली महादेव की पहाड़ी में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद

बिजली महादेव की पहाड़ी में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद

बिजली महादेव की पहाड़ी में लगी आग को बुझाने में जुटे फायर कर्मी।-संवाद