{"_id":"7dd0fdae69b73fca43f2dce36117fd91","slug":"raffting-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्यास की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच भरा सफर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्यास की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच भरा सफर
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Thu, 18 Feb 2016 09:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यटन की दृष्टि से कुल्लू-मनाली का नाम सामने आते ही यहां के बर्फ से ढके पहाड़ और मनमोहक घने जंगलों की तस्वीर सामने आती है। ऐसे में कुल्लू-मनाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स का कारोबार भी दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स में ब्यास की लहरों पर रिवर राफ्टिंग करते हुए सैलानी घाटी में देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन
जिला के पिरड़ी से भुंतर नगवाईं तथा रायसन, बबेली से रामशिला तक रिवर राफ्टिंग का दर्जनों लोग आनंद ले रहे हैं। इस रिवर राफ्टिंग के माध्यम से जहां सैलानी ब्यास की लहरों में उतरकर अपनी दिल की तमन्ना पूरी कर रहे हैं। वहीं इस कारोबार से सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। जिला में पर्यटन विभाग के पास करीब 300 राफ्टें पंजीकृत हैं। इन राफ्टों में करीब 800 से अधिक युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार प्राप्त हो रहा है। दिल्ली से आए पर्यटक सुमित, देवेश और रोहित भल्ला ने कहा कि शांत स्वभाव वाली ब्यास नदी में राफ्टिंग का अलग मजा है।
विज्ञापन
रिवर राफ्टिंग के लिए कुल्लू-मनाली की वादियां अनुकूल है। इधर, कुल्लू ब्यास रिवर राफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव सुरेश शर्मा के अनुसार राफ्ट को गाइड करने वाला एक व्यक्ति महीने में 18 से 20 हजार रुपये कमा लेता है। एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए कुल्लू आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद रिवर राफ्टिंग होती है। इस कारोबार से सीधे तौर पर 800 से अधिक युवा जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन