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Kullu News: पुलिया बही... कैसे मंडियों में फसल पहुंचाएंगे किसान
Sat, 28 Jun 2025 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:45 PM IST
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सैंज घाटी में बाढ़ आने से जमीनों के साथ फसलों को भी पहुंचा है नुकसान
संपर्क कटने से बची हुई फसल मंडियों तक पहुंचाना चुनौती से कम नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/न्यूली। जिले की सैंज घाटी में पिछले तीन साल से लगातार पिन पार्वती नदी में बाढ़ आ रही है। इस बार भी बादल फटने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आई है। इससे मकानों के साथ जमीन और फसलें भी तबाह हुई हैं।
कृषि विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों की परेशानी यह है कि जो फसलें बच गई हैं, अब उन्हें कैसे सब्जी मंडियों तक पहुंचाया जाए।
सैंज के वकशाहल बिहाली, निडाहरा बिहाली और सिउंड (शरण) बिहाली के ग्रामीणों का पुलिया बहने से संपर्क कट गया है। सबसे अधिक परेशानी सिउंड (शरण) बिहाली के लोगों को उठानी पड़ रही है। इन्हें अब पिन पार्वती नदी को पार करने के लिए करीब दो से ढाई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। ऐसे में गांव के किसानों को फसलें सब्जी मंडी तक ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कौम दत्त, देवराज और भूप सिंह ने कहा कि पुल बहने के कारण फसलों को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। बाढ़ से फसलें बह गई हैं। जो बच गई हैं, उन्हें मंडियों तक ले जाना आफत बन गया है। खेतों में ही फसलें खराब होने लगी हैंं। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुशील शर्मा ने कहा कि नुकसान के आकलन की प्राथमिक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें 30 हेक्टेयर में फसलें तबाह हुई है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।
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पिन पार्वती नदी में बाढ़ आने से पुल बह गया है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर का पैदल सफर कर बिहाली पहुंचना पड़ रहा है। घरों के लिए राशन, अन्य आवश्यक सामग्री लाने के अलावा बची फसलों को मंडियों तक पहुंचना आफत बन गया है। - रेवती राम,
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पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से मलबा घरों में घुस गया है। इसके अलावा खेतों में मलबा आने से फसलें तबाह हो गई हैं। तीन सालों से लगातार बाढ़ आ रही है। घरों को नुकसान हो रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है। -गेहर सिंह
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संपर्क कटने से बची हुई फसल मंडियों तक पहुंचाना चुनौती से कम नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/न्यूली। जिले की सैंज घाटी में पिछले तीन साल से लगातार पिन पार्वती नदी में बाढ़ आ रही है। इस बार भी बादल फटने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आई है। इससे मकानों के साथ जमीन और फसलें भी तबाह हुई हैं।
कृषि विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों की परेशानी यह है कि जो फसलें बच गई हैं, अब उन्हें कैसे सब्जी मंडियों तक पहुंचाया जाए।
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सैंज के वकशाहल बिहाली, निडाहरा बिहाली और सिउंड (शरण) बिहाली के ग्रामीणों का पुलिया बहने से संपर्क कट गया है। सबसे अधिक परेशानी सिउंड (शरण) बिहाली के लोगों को उठानी पड़ रही है। इन्हें अब पिन पार्वती नदी को पार करने के लिए करीब दो से ढाई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। ऐसे में गांव के किसानों को फसलें सब्जी मंडी तक ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कौम दत्त, देवराज और भूप सिंह ने कहा कि पुल बहने के कारण फसलों को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। बाढ़ से फसलें बह गई हैं। जो बच गई हैं, उन्हें मंडियों तक ले जाना आफत बन गया है। खेतों में ही फसलें खराब होने लगी हैंं। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुशील शर्मा ने कहा कि नुकसान के आकलन की प्राथमिक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें 30 हेक्टेयर में फसलें तबाह हुई है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।
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पिन पार्वती नदी में बाढ़ आने से पुल बह गया है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर का पैदल सफर कर बिहाली पहुंचना पड़ रहा है। घरों के लिए राशन, अन्य आवश्यक सामग्री लाने के अलावा बची फसलों को मंडियों तक पहुंचना आफत बन गया है। - रेवती राम,
पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से मलबा घरों में घुस गया है। इसके अलावा खेतों में मलबा आने से फसलें तबाह हो गई हैं। तीन सालों से लगातार बाढ़ आ रही है। घरों को नुकसान हो रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है। -गेहर सिंह