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क्रमिक अनशन को भाजपा के ही दो गुट आमने-सामने
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बंजार (कुल्लू)। सैंज के बिहाली में रोजगार के मुद्दे को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे लारजी पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। इसे लेकर भाजपा के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं। अनशन को लेकर सोशल मीडिया में भी एक-दूसरों पर खूब छींटाकशी हो रही है।
भाजपा मंडल बंजार के अध्यक्ष बलदेव महंत ने कहा कि क्रमिक अनशन राजनीति का अड्डा बन गया है। क्रमिक अनशन पर बैठे चंद लोग सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। अभी पंचायती चुनाव आने वाले हैं। इसके चलते ये लोग अनशन जैसे हथकंडे अपना कर पंचायत के हितैशी बनने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक सुरेंद्र शौरी ने पहले ही समस्या को लेकर 24 फरवरी को प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की उच्च स्तरीय बैठक रखी है। प्रभावितों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में प्रोजेक्ट एनएचपीसी के हैंडओवर हुआ था। लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार ने बाहर के लोगों को जगह दी और प्रभावित परिवारों के लिए कुछ नहीं किया। अब पांच साल बाद यही कांग्रेस के नेता आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, जो सिर्फ वर्तमान सरकार को नीचा दिखाने का षड्यंत्र हैं। सैंज में चल रहा क्रमिक अनशन थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में बंजार भाजपा मंडल अध्यक्ष के बयान ने मामले को तूल देने का काम किया है। गौर रहे कि इससे पहले कुछ भाजपा पदाधिकारियों ने भी इस क्रमिक अनशन को समर्थन दिया था।
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भाजपा मंडल बंजार के अध्यक्ष बलदेव महंत ने कहा कि क्रमिक अनशन राजनीति का अड्डा बन गया है। क्रमिक अनशन पर बैठे चंद लोग सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। अभी पंचायती चुनाव आने वाले हैं। इसके चलते ये लोग अनशन जैसे हथकंडे अपना कर पंचायत के हितैशी बनने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक सुरेंद्र शौरी ने पहले ही समस्या को लेकर 24 फरवरी को प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की उच्च स्तरीय बैठक रखी है। प्रभावितों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में प्रोजेक्ट एनएचपीसी के हैंडओवर हुआ था। लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार ने बाहर के लोगों को जगह दी और प्रभावित परिवारों के लिए कुछ नहीं किया। अब पांच साल बाद यही कांग्रेस के नेता आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, जो सिर्फ वर्तमान सरकार को नीचा दिखाने का षड्यंत्र हैं। सैंज में चल रहा क्रमिक अनशन थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में बंजार भाजपा मंडल अध्यक्ष के बयान ने मामले को तूल देने का काम किया है। गौर रहे कि इससे पहले कुछ भाजपा पदाधिकारियों ने भी इस क्रमिक अनशन को समर्थन दिया था।
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