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Kullu News: किल्टों में उपज, कंधों पर सपना, धूल में संघर्ष की कहानी लिख रहीं महिलाएं
Thu, 30 Oct 2025 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 30 Oct 2025 11:01 PM IST
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ढालपुर चौक पर सब्जियों को विक्रय करने पहुंची ग्रामीण महिलाए। -संवाद
स्थायी ठिकाना न होने से फुटपाथ पर सब्जियां बेच रहीं कुल्लू के ग्रामीण इलाकों से आने वाली महिलाएं
बोलीं- लंबे समय से मांग रहीं स्थायी ठिकाना, कागजों तक ही सिमटे महिला सशक्तीकरण के दावे
गौरीशंकर
कुल्लू। शहर की सड़कों पर सुबह-सुबह उठते धूल के गुबार के बीच कुछ महिलाएं रोज अपने सपनों का बोझ कंधों पर उठाए बैठ जाती हैं।
ये वही महिलाएं हैं जो अपने खेतों में उगाई सब्जियों को लेकर शहर आती हैं लेकिन वर्षों से इन्हें बैठने के लिए एक स्थायी जगह तक नहीं मिली है। प्रशासन के महिला सशक्तीकरण के वादे हवा में उड़ जाते हैं जब ये महिलाएं धूप, बारिश और धूल में दिनभर फुटपाथ पर बैठकर अपनी मेहनत बेचने को मजबूर होती हैं। जिला मुख्यालय में कोठी सारी और दूसरी घाटी की महिलाएं खेतों में तैयार ताजा सब्जियां किल्टे में लेकर आती हैं। फुटपाथ के किनारे सुबह से देर शाम तक सब्जियां बेचती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की ये महिलाएं वर्षों से उचित स्थान उपलब्ध करवाने की प्रशासन से मांग कर रही हैं लेकिन प्रशासन और नगर परिषद लंबे समय बाद भी जगह उपलब्ध नहीं कर पाए हैं। मजबूरन महिलाएं ढालपुर चौक में फुटपाथ के किनारे सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहा कि सरकार भले ही महिला सशक्तीकरण की बात करती हो लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं दिखता है। योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित होती हैं। रमेश कुमार, प्रमोद, नीलमा और प्रियंका ने कहा कि शहर में इस तरह की महिलाओं के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
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सुबह चार बजे उठकर आती हैं महिलाएं
कोठी सारी की महिलाएं हर रोज सुबह चार बजे उठकर पीठ पर सब्जी से भरा किल्टा लेकर ढालपुर पहुंचती है। कई बार ये महिलाएं वाहनों के माध्यम से पहुंचती हैं। कई बार इन्हें 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर भी आना पड़ता है। महिलाएं खेतों में तैयार ताजा सब्जियां 12 महीने शहर के लोगों के लिए लेकर कुल्लू आती हैं।
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कभी पुलिस तो कभी नगर परिषद का डर
महिलाओं की मानें तो कभी पुलिस की कार्रवाई और कभी नगर परिषद का डंडा चलने का खौफ रहता है। कई बार उन्हें फुटपाथ से खदेड़ा गया है। वर्षों पहले तत्कालीन उपायुक्त राकेश कंवर ने महिलाओं के लिए उचित स्थान उपलब्ध करने की बात कही थी लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद किसी ने इस पर गौर नहीं किया।
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महिलाओं को सब्जी उत्पाद बेचने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर स्थान देखा जाएगा जिससे उन्हें बैठने के लिए उचित स्थान मिल सके। आने वाले समय में इस पर काम करने का प्रयास किया जाएगा। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू
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बोलीं- लंबे समय से मांग रहीं स्थायी ठिकाना, कागजों तक ही सिमटे महिला सशक्तीकरण के दावे
गौरीशंकर
कुल्लू। शहर की सड़कों पर सुबह-सुबह उठते धूल के गुबार के बीच कुछ महिलाएं रोज अपने सपनों का बोझ कंधों पर उठाए बैठ जाती हैं।
ये वही महिलाएं हैं जो अपने खेतों में उगाई सब्जियों को लेकर शहर आती हैं लेकिन वर्षों से इन्हें बैठने के लिए एक स्थायी जगह तक नहीं मिली है। प्रशासन के महिला सशक्तीकरण के वादे हवा में उड़ जाते हैं जब ये महिलाएं धूप, बारिश और धूल में दिनभर फुटपाथ पर बैठकर अपनी मेहनत बेचने को मजबूर होती हैं। जिला मुख्यालय में कोठी सारी और दूसरी घाटी की महिलाएं खेतों में तैयार ताजा सब्जियां किल्टे में लेकर आती हैं। फुटपाथ के किनारे सुबह से देर शाम तक सब्जियां बेचती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की ये महिलाएं वर्षों से उचित स्थान उपलब्ध करवाने की प्रशासन से मांग कर रही हैं लेकिन प्रशासन और नगर परिषद लंबे समय बाद भी जगह उपलब्ध नहीं कर पाए हैं। मजबूरन महिलाएं ढालपुर चौक में फुटपाथ के किनारे सब्जियां बेचने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहा कि सरकार भले ही महिला सशक्तीकरण की बात करती हो लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं दिखता है। योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित होती हैं। रमेश कुमार, प्रमोद, नीलमा और प्रियंका ने कहा कि शहर में इस तरह की महिलाओं के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
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सुबह चार बजे उठकर आती हैं महिलाएं
कोठी सारी की महिलाएं हर रोज सुबह चार बजे उठकर पीठ पर सब्जी से भरा किल्टा लेकर ढालपुर पहुंचती है। कई बार ये महिलाएं वाहनों के माध्यम से पहुंचती हैं। कई बार इन्हें 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर भी आना पड़ता है। महिलाएं खेतों में तैयार ताजा सब्जियां 12 महीने शहर के लोगों के लिए लेकर कुल्लू आती हैं।
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कभी पुलिस तो कभी नगर परिषद का डर
महिलाओं की मानें तो कभी पुलिस की कार्रवाई और कभी नगर परिषद का डंडा चलने का खौफ रहता है। कई बार उन्हें फुटपाथ से खदेड़ा गया है। वर्षों पहले तत्कालीन उपायुक्त राकेश कंवर ने महिलाओं के लिए उचित स्थान उपलब्ध करने की बात कही थी लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद किसी ने इस पर गौर नहीं किया।
महिलाओं को सब्जी उत्पाद बेचने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर स्थान देखा जाएगा जिससे उन्हें बैठने के लिए उचित स्थान मिल सके। आने वाले समय में इस पर काम करने का प्रयास किया जाएगा। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू