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Kullu News: रूटों से गायब निजी बसें, आठ से दस किमी पैदल चले यात्री-विद्यार्थी

Fri, 24 May 2024 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Fri, 24 May 2024 11:21 PM IST
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Private buses missing from routes, passengers and students walked eight to ten kilometers
कुल्लू। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार को निजी बसों के गायब रहने से यात्रियों और विद्यार्थियों को आठ से दस किलोमीटर का सफर पैदल ही करना पड़ा। विद्यार्थी स्कूल में समय से नहीं पहुंच पाए। यात्री भी धूप में परेशान हुए। बस अड्डों और विभिन्न स्टेशनों में लोग बसों का इंतजार ही करते रहे। परेशानी इस कद्र बढ़ी कि उन्हें पैदल ही गंतव्य की ओर रुख करना पड़ा। दूसरी और एचआरटीसी ने अपनी सेवाएं जारी रखीं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर रूटों पर निजी बसें ही चलती हैं। करीब 160 रूटों के प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्र की जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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पीएम मोदी की मंडी में हुई संकल्प रैली के लिए निजी बसों को कार्यकर्ताओं को ले जाने और लाने के लिए लगाया गया था। इस कारण जिले में शुक्रवार को अधिकतर रूटों पर निजी बस ऑपरेटरों ने सेवाएं नहीं दीं। विद्यार्थियों, बुजुर्गों और नौकरी पेशा और कामगारों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूली विद्यार्थियों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भुंतर, बजौरा, मौहल, छात्र विद्यालय कुल्लू, कन्या विद्यालय सुल्तानपुर, रायसन, मनाली, नग्गर, मंगलौर, बंजार आदि जो हाईवे और सड़क किनारे हैं, के विद्यार्थियों को तीन से पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों खराहल से कुल्लू आने वाले लोगों को पुईद वाया चौकी डोभी, चंसारी वाया बारीपधरू, पेच्छा वाया तलोगी पैदल ही आना पड़ा है।
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खराहल के ग्रामीणों को सात से दस किलोमीटर पैदल चलना पड़ा है। यही स्थिति महाराजा, लगघाटी, गडसा और दियार की भी रही। लगघाटी के ग्रामीणों को बढ़ई तक पांच से सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यहां से टैक्सी और ऑटो का सहारा लेकर कुल्लू पहुंचे। महाराजा घाटी के पीज के लोगों को पैदल तीन से चार किलोमीटर और पाहनाला क्षेत्र के लोगों को चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर मौहल, शमशी, पिरड़ी आना पड़ा। दियार और गड़सा के ग्रामीणों को भी आठ से दस किलोमीटर पैदल चल भुंतर और बजौरा आना पड़ा। उधर, बंजार और सैंज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बसें न चलने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
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बस अड्डों, स्टेशनों पर बसों का इंतजार
बस अड्डों और बस स्टॉप पर सवारियां बसों का इंतजार करतीं दिखाईं दीं। अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू के अलावा अन्य बस अड्डों पर निजी बसें नजर नहीं आईं। कुछ एक शहरी रूटों पर ही निजी बसें संचालित की गईं। खराहल घाटी के मोहर लाल, सुभाष कुमार, मोहित ने कहा कि निजी बसें न चलने से दिक्कतें आईं हैं। लगघाटी के खूब राम, डाबे राम, अशोक, प्रेमचंद, गोविंद राम, सोनू ने कहा कि घाटी में एचआरटीसी से अधिक निजी बसें चलतीं हैं। बसों का संचालन न होने से पैदल ही सफर तय करना पड़ा।


समय सारिणी के अनुसार दौड़ी एचआरटीसी बसें
जिले की अधिकतर निजी बसें प्रधानमंत्री की संकल्प रैली में रहीं। सवारियों को राहत प्रदान करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बसों का संचालन समय सारिणी के अनुसार जारी रखा। इससे कुछ हद तक सवारियों को राहत मिली है, लेकिन निगम की बसों के लिए भी सवारियों को घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ा है।
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