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Kullu News: पिन पार्वती का तटीकरण अधूरा, सैंज सीएचसी परिसर को खतरा
Tue, 06 May 2025 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 06 May 2025 11:44 PM IST
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न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की सैंज घाटी के लोगों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। जुलाई 2023 में पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी। तब से लेकर अब तक 22 माह बीत चुके हैं, लेकिन नदी के किनारे सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य अधूरा पड़ा है। बरसात का मौसम एक बार फिर नजदीक है और खतरे की घड़ी सिर पर मंडरा रही है।
सबसे ज्यादा खतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सैंज को है। बाढ़ में पहले ही इस अस्पताल का परिसर क्षतिग्रस्त हो चुका है। सुरक्षा दीवार न होने के कारण हर बार बरसात में यहां मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। अस्पताल में रोजाना दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनके मन में हमेशा डर बना रहता है कि कहीं अचानक पानी का बहाव फिर से तबाही न मचा दे। इसी तरह पुराना बस अड्डा और उसके पास स्थित बैंक के आसपास का इलाका भी बाढ़ के जोखिम में है।
ग्रामीण सोमदेव, मोहर सिंह, सौरव, शांति लाल और मोती लाल ने बताया कि 2023 की बाढ़ की त्रासदी लोग अब तक नहीं भूल पाए हैं। उस समय सड़क बह गई थी। स्वास्थ्य केंद्र परिसर मलबे से भर गया था और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। यदि समय रहते सुरक्षा दीवार नहीं बनाई तो इस बार भी नुकसान हो सकता है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तटीकरण कार्य को बरसात से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल ने बताया कि तटीकरण कार्य जारी है और जल्द पूरा किया जाएगा।
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सबसे ज्यादा खतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सैंज को है। बाढ़ में पहले ही इस अस्पताल का परिसर क्षतिग्रस्त हो चुका है। सुरक्षा दीवार न होने के कारण हर बार बरसात में यहां मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। अस्पताल में रोजाना दर्जनों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनके मन में हमेशा डर बना रहता है कि कहीं अचानक पानी का बहाव फिर से तबाही न मचा दे। इसी तरह पुराना बस अड्डा और उसके पास स्थित बैंक के आसपास का इलाका भी बाढ़ के जोखिम में है।
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ग्रामीण सोमदेव, मोहर सिंह, सौरव, शांति लाल और मोती लाल ने बताया कि 2023 की बाढ़ की त्रासदी लोग अब तक नहीं भूल पाए हैं। उस समय सड़क बह गई थी। स्वास्थ्य केंद्र परिसर मलबे से भर गया था और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। यदि समय रहते सुरक्षा दीवार नहीं बनाई तो इस बार भी नुकसान हो सकता है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तटीकरण कार्य को बरसात से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल ने बताया कि तटीकरण कार्य जारी है और जल्द पूरा किया जाएगा।