गुशैणी (कुल्लू)। जिला कुल्लू की तीर्थन घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक फागली उत्सव मनाया गया। लोगों ने मुखौटा पहनकर नृत्य किया। घाटी के गांव तिंदर, पेखड़ी, नाहीं, डिंगचा, सरची, फरयाडी, गरुली और कलवारी में फाल्गुन संक्रांति 13 फरवरी से ही फागली उत्सव मनाया जा रहा है।
फागली में अलग-अलग परिवार के पुरुष सदस्यों ने अपने-अपने मुंह में विशेष किस्म के लकड़ी के मुखौटे लगाए तथा एक विशेष घास के परिधान बनाकर नृत्य किया। लोगों ने इसी मुखौटे और परिधान से गांव में आसुरी शक्तियों को भी भगाया है। इस दौरान मुखौटे पहने यह लोग देवता विष्णु नारायण की पूजा-अर्चना करके सालभर तक समय पर बारिश, अच्छी फसल और सुख समृद्धि की कामना करते हैं। संवाद