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Kullu News: मौसम के करवट बदलने से बढ़े जोड़ों के दर्द के मरीज

Mon, 13 Oct 2025 09:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Mon, 13 Oct 2025 09:52 PM IST
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Patients with increased joint pain due to change in weather
कुल्लू अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में जुट रही भीड़, रोज आ रहे 120 मरीज
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जिले में सुबह और शाम के समय ठंड पड़ने से अर्थराइटिस की चपेट में आ रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में चार दिन तक हुई बारिश के कारण मौसम में बदलाव आ गया है। ठंडक के कारण वायरल के साथ अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के मरीज बढ़ रहे हैं।
हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। ठंड और ठिठुरन से जोड़ों के दर्द से ग्रस्त मरीज अधिक मिल रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू समेत नागरिक अस्पतालों में जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या अधिक है। कुल्लू अस्पताल में रोजाना आने वाले ऐसे मरीजों की संख्या 120 के पार पहुंच गई है।
क्षेत्रीय अस्पताल में जोड़ों के दर्द का उपचार करवाने सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना औसतन 120 से 130 मरीज पहुंच रहे हैं। जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बताया जा रहा है। एकाएक मौसम बिगड़ने से लोगों में अर्थराइटिस संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं। हालांकि, अर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है लेकिन समय पर उपचार न होने से समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो मौसम के बार-बार करवट लेने के कारण लोग जोड़ों के दर्द की चपेट में आ रहे हैं। इनमें कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक मिल रहे हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि अस्पतालों में जोड़ों के दर्द की समस्या के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का उपचार कर उनकी समस्या का निदान कर रहे हैं।
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तापमान में गिरावट है मुख्य कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में गिरावट जोड़ों में दर्द का मुख्य कारण है। तापमान गिरावट से ठंडक के कारण रक्त वाहिकाओं में संकुचन होने लगता है। इससे जोड़ों में सूजन और कठोरता की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में बैरोमीटर दबाव के कारण ठंडक में दर्द अधिक महसूस होती है। ठंडा तापमान, दर्द-संवेदनशीलता को बढ़ाता है। इसमें रक्त परिसंचरण भी धीमा हो जाता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ जाती है।
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