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Kullu News: आधुनिक निर्माण विधियों, सुरक्षा मानकों पर जागरूक किए प्रतिभागी
Wed, 15 Oct 2025 06:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 15 Oct 2025 06:34 AM IST
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भूकंप प्रतिरोधी घरों के निर्माण पर करना होगा फोकस : डीसी
आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के बीच जागरूकता फैलाना है, ताकि जिले में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके। यह बात उपायुक्त लाहौल स्पीति किरण भड़ाना ने कही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर मंंगलवार को समर्थ अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. सौरव गुप्ता एवं तन्मय गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य फोकस भूकंप प्रतिरोधी घरों के निर्माण, सुरक्षित और आधुनिक निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में स्थानीय निर्माण विशेषज्ञों, इंजीनियरों, सरकारी अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। इसमें विशेषज्ञों ने भूकंपरोधी घरों के डिजाइन, टिकाऊ और गुणवत्ता युक्त निर्माण सामग्री और सुरक्षित निर्माण तकनीकों से संबंधित विस्तृत सत्र प्रस्तुत किए। तकनीकी और व्यावहारिक दोनों पक्षों को शामिल करते हुए, प्रतिभागियों को आधुनिक निर्माण विधियों और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। उपायुक्त किरण भड़ाना ने जिले में हाल ही में आई आपदा के दौरान कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और महिला मंडलों, स्वयंसेवकों को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए।
इन पुरस्कारों ने उनकी निष्ठा, साहस और समर्पण को सम्मानित किया, जो आपदा प्रबंधन में प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम के महत्वपूर्ण अंग के रूप में पंचायत त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। ये टीमें ग्रामीण स्तर पर आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित की गई हैं। इस पहल से ग्रामीण पंचायतों में आपदा तैयारी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने की उम्मीद है।
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आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के बीच जागरूकता फैलाना है, ताकि जिले में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके। यह बात उपायुक्त लाहौल स्पीति किरण भड़ाना ने कही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर मंंगलवार को समर्थ अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. सौरव गुप्ता एवं तन्मय गुप्ता ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य फोकस भूकंप प्रतिरोधी घरों के निर्माण, सुरक्षित और आधुनिक निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में स्थानीय निर्माण विशेषज्ञों, इंजीनियरों, सरकारी अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। इसमें विशेषज्ञों ने भूकंपरोधी घरों के डिजाइन, टिकाऊ और गुणवत्ता युक्त निर्माण सामग्री और सुरक्षित निर्माण तकनीकों से संबंधित विस्तृत सत्र प्रस्तुत किए। तकनीकी और व्यावहारिक दोनों पक्षों को शामिल करते हुए, प्रतिभागियों को आधुनिक निर्माण विधियों और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। उपायुक्त किरण भड़ाना ने जिले में हाल ही में आई आपदा के दौरान कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और महिला मंडलों, स्वयंसेवकों को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए।
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इन पुरस्कारों ने उनकी निष्ठा, साहस और समर्पण को सम्मानित किया, जो आपदा प्रबंधन में प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम के महत्वपूर्ण अंग के रूप में पंचायत त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। ये टीमें ग्रामीण स्तर पर आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित की गई हैं। इस पहल से ग्रामीण पंचायतों में आपदा तैयारी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने की उम्मीद है।
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