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Kullu News: कार्यशाला में सांविधानिक अधिकार जानेंगे पंचायत प्रतिनिधि
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कुल्लू में पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शुभांरभ मौके पर जानकारी देते क
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कुल्लू। विकास खंड भुंतर की पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हो गई है। जिला परिषद भवन कुल्लू में सोमवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सुरजीत सिंह राठौर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया।
एडीएम ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली के साथ उनकी भूमिकाओं, अधिकारों और दायित्वों की विस्तृत जानकारी देना है, ताकि वे पंचायतों का प्रभावी संचालन कर सकें। उन्होंने कहा कि पंचायतें स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाई हैं और इनके प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी गांव के विकास में अहम है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधियों को उनके सांविधानिक, विधिक, सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्वों तथा अधिकारों से अवगत करवाया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों, प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों और पंचायत सचिव की भूमिकाओं एवं दायित्वों की जानकारी दी जा रही है।
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प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया, एजेंडा तैयार करने, बैठक की कार्यवाही लिखने, कोरम, आय-व्यय खातों की प्रस्तुति और ऑडिट रिपोर्ट सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम सभा, महिला ग्राम सभा और उपग्राम सभा की भूमिका, सदस्यता, शक्तियों तथा बैठकों के आयोजन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। संवाद
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एडीएम ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली के साथ उनकी भूमिकाओं, अधिकारों और दायित्वों की विस्तृत जानकारी देना है, ताकि वे पंचायतों का प्रभावी संचालन कर सकें। उन्होंने कहा कि पंचायतें स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाई हैं और इनके प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी गांव के विकास में अहम है।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधियों को उनके सांविधानिक, विधिक, सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्वों तथा अधिकारों से अवगत करवाया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों, प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों और पंचायत सचिव की भूमिकाओं एवं दायित्वों की जानकारी दी जा रही है।
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प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया, एजेंडा तैयार करने, बैठक की कार्यवाही लिखने, कोरम, आय-व्यय खातों की प्रस्तुति और ऑडिट रिपोर्ट सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम सभा, महिला ग्राम सभा और उपग्राम सभा की भूमिका, सदस्यता, शक्तियों तथा बैठकों के आयोजन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। संवाद