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Kullu News: मकर संक्रांति पर भगवान रघुनाथ नगरी ने ओढ़ी आस्था की चादर
Wed, 14 Jan 2026 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 14 Jan 2026 10:14 PM IST
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श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया त्योहार, मंदिर में की विशेष पूजा
आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया खिचड़ी का प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भगवान रघुनाथ की नगरी में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। रघुनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन मंदिर में भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा की जाती है। इस अवसर पर भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। श्रद्धालुओं में भी यही प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। उन्होंने बताया कि माघ साजे के दिन पूजा के दौरान भगवान रघुनाथ को चांदी की जूब अर्पित की जाती है। इसमें जौ चढ़ाया जाता है। मकर संक्रांति रघुनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आशीर्वाद लिया। कुल्लू घाटी में इस पर्व को स्थानीय रूप से माघ साजे के नाम से जाना जाता है। इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष माना जाता है। भगवान रघुनाथ के पुजारी दिनेश किशोर ने बताया कि मकर संक्रांति की पूजा में जूब का विशेष महत्व होता है। पूजा के समय भगवान के प्रथम सेवक की ओर से चांदी की जूब में हरी ध्रुवा चढ़ाई जाती है। साथ ही मंदिर के सभी ब्राह्मण भगवान रघुनाथ को जूब अर्पित करते हैं। पूजा के बाद सभी जूब भगवान के प्रथम सेवक को सौंपी जाती हैं। इस अवसर पर ब्राह्मणों को प्रसाद स्वरूप तिल का लड्डू दिया जाता है जबकि श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी का विशेष भोग तैयार किया जाता है।
मंदिर पहुंचे श्रद्धालु अंशुल पराशर, नवीन सूद और भवानी सिंह ने बताया कि उन्हें भगवान रघुनाथ में गहरी आस्था है। वह हर पर्व पर मंदिर आकर भगवान का आशीर्वाद लेते हैं। मकर संक्रांति पर उन्होंने खिचड़ी का प्रसाद भी ग्रहण किया।
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आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया खिचड़ी का प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भगवान रघुनाथ की नगरी में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। रघुनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन मंदिर में भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा की जाती है। इस अवसर पर भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। श्रद्धालुओं में भी यही प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। उन्होंने बताया कि माघ साजे के दिन पूजा के दौरान भगवान रघुनाथ को चांदी की जूब अर्पित की जाती है। इसमें जौ चढ़ाया जाता है। मकर संक्रांति रघुनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और आशीर्वाद लिया। कुल्लू घाटी में इस पर्व को स्थानीय रूप से माघ साजे के नाम से जाना जाता है। इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष माना जाता है। भगवान रघुनाथ के पुजारी दिनेश किशोर ने बताया कि मकर संक्रांति की पूजा में जूब का विशेष महत्व होता है। पूजा के समय भगवान के प्रथम सेवक की ओर से चांदी की जूब में हरी ध्रुवा चढ़ाई जाती है। साथ ही मंदिर के सभी ब्राह्मण भगवान रघुनाथ को जूब अर्पित करते हैं। पूजा के बाद सभी जूब भगवान के प्रथम सेवक को सौंपी जाती हैं। इस अवसर पर ब्राह्मणों को प्रसाद स्वरूप तिल का लड्डू दिया जाता है जबकि श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी का विशेष भोग तैयार किया जाता है।
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मंदिर पहुंचे श्रद्धालु अंशुल पराशर, नवीन सूद और भवानी सिंह ने बताया कि उन्हें भगवान रघुनाथ में गहरी आस्था है। वह हर पर्व पर मंदिर आकर भगवान का आशीर्वाद लेते हैं। मकर संक्रांति पर उन्होंने खिचड़ी का प्रसाद भी ग्रहण किया।
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