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Kullu News: अब कुल्लू अस्पताल में ही होगी दिल की बीमारी से जंग
Wed, 24 Sep 2025 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:02 PM IST
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7.92 करोड़ रुपये से स्थापित होगी कैथ लैब, शिमला और चंडीगढ़ की दौड़ भी होगी खत्म
कुल्लू के साथ लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी के सीमांत इलाकों के लोगों को होगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 7.92 करोड़ रुपये की लागत से कैथ लैब स्थापित की जा रही है।
इससे दिल की बीमारियों के इलाज के लिए अब आईजीएमसी शिमला या पीजीआई चंडीगढ़ के सफर की जरूरत नहीं रहेगी। यह नई सुविधा न केवल कुल्लू, बल्कि लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी के सीमांत इलाकों के हजारों मरीजों की जान बचाने और इलाज में तेजी लाने का काम करेगी। रोजाना हजारों लोग अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। अब उनके लिए बेहतर और सस्ते इलाज के दरवाजे खुलने वाले हैं। लैब में दिल के मरीजों की एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधा रियायती दरों पर मिलेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अभी तक इस तरह की सुविधा नहीं है। लंबे समय से लोग इसकी मांग कर रहे थे। कैथ लैब के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद लोगों को सेवाएं शुरू होने का इंतजार है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रतिदिन करीब 1000 की ओपीडी होती है। 400 बिस्तरों के अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ रहती है।
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गौर रहेे कि एंजियोग्राफी रक्त वाहिनी नलिकाओं धमनी और शिराओं का एक्सरे जैसा अध्ययन है। इसका प्रयोग हृदय रोग, किडनी संक्रमण, ट्यूमर और खून का थक्का जमने आदि की जांच में किया जाता है। हृदय के ठीक से काम न करने पर शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। एंजियोग्राफी से हृदय की धमनी में रुकावट और सिकुड़न का पता लगता है। शहरवासी किशन लाल, धर्मेंद्र, नरेश कुमार और अभिषेक ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में कैथ लैब स्थापित होने से हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा।
-- क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में दिल की बीमारी के इलाज के लिए कैथ लैब को 7.92 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कुल्लू अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं। - सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक सदर कुल्लू
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कुल्लू के साथ लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी के सीमांत इलाकों के लोगों को होगी सुविधा
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कुल्लू। जिले के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 7.92 करोड़ रुपये की लागत से कैथ लैब स्थापित की जा रही है।
इससे दिल की बीमारियों के इलाज के लिए अब आईजीएमसी शिमला या पीजीआई चंडीगढ़ के सफर की जरूरत नहीं रहेगी। यह नई सुविधा न केवल कुल्लू, बल्कि लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी के सीमांत इलाकों के हजारों मरीजों की जान बचाने और इलाज में तेजी लाने का काम करेगी। रोजाना हजारों लोग अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। अब उनके लिए बेहतर और सस्ते इलाज के दरवाजे खुलने वाले हैं। लैब में दिल के मरीजों की एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधा रियायती दरों पर मिलेगी।
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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अभी तक इस तरह की सुविधा नहीं है। लंबे समय से लोग इसकी मांग कर रहे थे। कैथ लैब के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद लोगों को सेवाएं शुरू होने का इंतजार है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रतिदिन करीब 1000 की ओपीडी होती है। 400 बिस्तरों के अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ रहती है।
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गौर रहेे कि एंजियोग्राफी रक्त वाहिनी नलिकाओं धमनी और शिराओं का एक्सरे जैसा अध्ययन है। इसका प्रयोग हृदय रोग, किडनी संक्रमण, ट्यूमर और खून का थक्का जमने आदि की जांच में किया जाता है। हृदय के ठीक से काम न करने पर शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। एंजियोग्राफी से हृदय की धमनी में रुकावट और सिकुड़न का पता लगता है। शहरवासी किशन लाल, धर्मेंद्र, नरेश कुमार और अभिषेक ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में कैथ लैब स्थापित होने से हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा।