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Kullu News: ऑटो के बराबर पहुंचा अब बस का किराया
Sun, 20 Apr 2025 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 20 Apr 2025 10:26 PM IST
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कुल्लू। प्रदेश सरकार ने सूबे में न्यूनतम बस किराया दोगुना करने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले को जनता लगातार विरोध कर रही है, बावजूद इसके सरकार अधिसूचना जारी कर दी है।
ऐसे में सरकार का यह फरमान जनता की जेब पर भारी पड़ेगा। लोगों ने सरकार के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया है। लोगों ने इस फैसले को नकारते हुए कड़ी प्रक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब एक या इससे कम के सफर का न्यूनतम किराया दस रुपये देना होगा। यह फरमान खासकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों लोगों पर भारी पड़ेगा। कहा कि शहरों में यह किराया कई जगह ऑटो के किराये के बराबर पहुंच गया है। सरकार का फरमान जनता की जेब खाली करने वाला है, जबकि अब न्यूनतम किराया बढ़ाने के बाद अब महिलाओं को दी जाने वाली आधा किराया माफ और विद्यार्थियों का मुफ्त सफर की सुविधा भी बंद होने वाली है। यह जनता के विरोधी फैसले सरकार ले रही है।
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जनता के हित का रखें सरकार ध्यान
सरकार को इस तरह के फैसले लेने से पहले उनका जनता पर पडऩे वाले असर को अंजाम देखना चाहिए। उसके बाद ही सरकार किसी फैसले को जनता पर थोंपे। - विपन ठाकुर।
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सरकार का फैसला गलत
सरकार ने बस किराया दस रूपये करने का फरमान जारी किया है, जो गलत फैसला है। दोगुना तक बस किराया बढ़ाना जनता विरोधी निर्णय है। सरकार के इस फैसले से आर्थिक बोझ पड़ेगा। -निरत राम।
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सरकार फैसले पर करें पुनर्विचार
प्रदेश सरकार ने न्यूनतम बस किराया दोगुना करने का निर्णय लिया है, जो जनता के लिए परेशानी बनेगा। सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। -सुनील कुमार।
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परिवहन सुविधा आम जनमानस से जुड़ी हुई है। सरकार को बस किराया बढ़ाने का फैसला नहीं लेना चाहिए था। यह फैसला सीधे तौर पर मध्यम और निम्र वर्ग को प्रभावित करेगा। -कुमार सिंह।
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ऐसे में सरकार का यह फरमान जनता की जेब पर भारी पड़ेगा। लोगों ने सरकार के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया है। लोगों ने इस फैसले को नकारते हुए कड़ी प्रक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब एक या इससे कम के सफर का न्यूनतम किराया दस रुपये देना होगा। यह फरमान खासकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों लोगों पर भारी पड़ेगा। कहा कि शहरों में यह किराया कई जगह ऑटो के किराये के बराबर पहुंच गया है। सरकार का फरमान जनता की जेब खाली करने वाला है, जबकि अब न्यूनतम किराया बढ़ाने के बाद अब महिलाओं को दी जाने वाली आधा किराया माफ और विद्यार्थियों का मुफ्त सफर की सुविधा भी बंद होने वाली है। यह जनता के विरोधी फैसले सरकार ले रही है।
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जनता के हित का रखें सरकार ध्यान
सरकार को इस तरह के फैसले लेने से पहले उनका जनता पर पडऩे वाले असर को अंजाम देखना चाहिए। उसके बाद ही सरकार किसी फैसले को जनता पर थोंपे। - विपन ठाकुर।
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सरकार का फैसला गलत
सरकार ने बस किराया दस रूपये करने का फरमान जारी किया है, जो गलत फैसला है। दोगुना तक बस किराया बढ़ाना जनता विरोधी निर्णय है। सरकार के इस फैसले से आर्थिक बोझ पड़ेगा। -निरत राम।
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सरकार फैसले पर करें पुनर्विचार
प्रदेश सरकार ने न्यूनतम बस किराया दोगुना करने का निर्णय लिया है, जो जनता के लिए परेशानी बनेगा। सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। -सुनील कुमार।
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परिवहन सुविधा आम जनमानस से जुड़ी हुई है। सरकार को बस किराया बढ़ाने का फैसला नहीं लेना चाहिए था। यह फैसला सीधे तौर पर मध्यम और निम्र वर्ग को प्रभावित करेगा। -कुमार सिंह।