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न चालकों-परिचालकों की जिंदगी की चिंता, न मुसाफिरों की सुरक्षा

Sun, 24 Apr 2022 09:33 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 09:33 PM IST
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Neither the concern for the life of the drivers nor the safety of the passengers
असाइनमेंट: बस स्टैंड कुल्लू में खड़ी एचआरटीसी बस के पिछले भाग में शीशे की जगह लगाई गई टीन की चादर। - फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। एचआरटीसी प्रबंधन चालकों, परिचालकों व मुसाफिरों की जिंदगी को दांव पर रखकर बसें चला रहा है। प्रबंधन को न तो चालकों-परिचालकों की जिंदगी की चिंता है और न ही मुसाफिरों की सुरक्षा को गंभीरता से ले रहा है।
बस स्टैंड कुल्लू में रविवार सुबह के समय अधिकतर पथ परिवहन निगम की बसें बस स्टैंड में खड़ी पाई गई। इनमें से तीन बसों में पीछे का बड़ा शीशा गायब मिला। इन बसों में नया शीशा लगाने की बजाय इसे टीन की चादरों से ढका गया है। इसके सहारे बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। दो बसों के अगले बड़े शीशे में दरारें मिली। इनकी जगह नया शीशा नहीं लगाया है। बसों को चलाते समय आगे चालक को सही तरह दिखाई भी नहीं देता। इससे हादसे का खतरा सताता रहता है। साथ ही तीन बसों में सीट कवर भी फटे हुए मिले। इन पर बैठने से सवारियां भी हिचकिचा रही हैं। कई बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स भी गायब हैं। पीछे की लाइटें खराब पड़ी हैं। जाली भी नहीं लगाई है। अग्निशमन उपकरण के साथ ही कई अन्य पार्ट भी बसों से गायब हैं। बसों में टायर भी घिसे हुए हैं। इनके स्थान पर नए टायर नहीं लगाए गए हैं। इनमें से अधिकतर बसें कुल्लू से खराहल और बंजार क्षेत्र समेत कई ग्रामीण रूटों पर दौड़ती हैं।
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एचआरटीसी प्रबंधन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएं गए हैं। कुल्लूू में पथ परिवहन निगम के पास कुल 190 सरकारी बसें है। इनमें कई बसों के सीट कवर भी फट गए हैं, जबकि कुछ बसें घिसे-पीटे टायर के सहारे ही चल रही हैं। इसकी सुध पथ परिवहन निगम नहीं ले रहा है। इससे मुसाफिरों को अनहोनी होने का खतरा सता रहा है। ग्रामीण सुरेश कुमार, सेस राम, योगराज, आलम चंद, तेजा सिंह समेत अन्य ने बताया कि एचआरटीसी की बसों को अब खुद सहारे की जरूरत है। गौर रहे कि जिले में हिमाचल पथ परिवहन निगम की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। पैसों की कमी और स्पेयर पार्ट न मिलने की वजह से कई बसें खड़ी हो गई हैं। अब सवाल उठता है कि घिसे हुए टायर के सहारे बस सवारियों को लेकर कितनी दूर तक जा सकेगी। रोजाना अधिकारी बसों का निरीक्षण भी नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से बसें तय मानकों को पूरा न कर सड़कों पर दौड़ रही हैं।
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टूटे शीशों की जगह नए लगाने की प्रक्रिया जारी : डीके नारंग
कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि बसों का निरीक्षण समय-समय पर किया जाता है। इसमें बसों के टायर से लेकर सभी यंत्रों की जांच होती है। बसों में टूटे शीशों की जगह नए शीशे लगाने की प्रक्रिया जारी है। सवारियों की सुरक्षा को लेकर एचआरटीसी गंभीर है।
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