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Kullu News: खेल-खेल में बच्चों का विकास करना सीख रहीं माताएं
Mon, 16 Dec 2024 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 16 Dec 2024 10:25 PM IST
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पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत दिया जा रहा प्रशिक्षण
कुल्लू के सात शिक्षा खंडों की 236 महिलाएं होंगी प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्री-प्राइमरी के अंतर्गत पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत माताएं अध्यापकों से अपने बच्चों को पढ़ाने के गुर सीख रही हैं।
जिले के सात शिक्षा खंडों में 236 माताओं को खेल-खेल में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समग्र शिक्षा के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हर शिक्षा खंड से चयनित माताओं को पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित कर रहा है। नौनिहालों की देखरेख के अलावा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनका विकास करवाना सिखाया जा रहा है।
शिक्षा खंड कुल्लू-एक, कुल्लू-दो, नग्गर, बंजार, सैंज, आनी और निरमंड में 236 चयनित माताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक दो-दो दिवसीय कार्यशालाएं हो चुकीं हैं। प्रशिक्षण लेने के बाद माताएं इन गतिविधियों को घर पर अपने बच्चों से करवा पाएंगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास में माताओं की अहम भूमिका को देखते हुए ही सरकार ने प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए पहली शिक्षक मां कार्यक्रम की शुरुआत की है।
कार्यक्रम की समन्वयक कविता गुलेरिया ने कहा कि सातों शिक्षा खंडों में पहली शिक्षक-मां कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। कहा कि छह शिक्षा खंडों में करीब 200 माताएं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं हैं। इसके अलावा हर माह के चौथे शनिवार को बैग फ्री डे के तहत हर प्राथमिक विद्यालय में प्री-प्राइमरी बच्चों की माताओं के साथ मासिक बैठक हो रही है।
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कुल्लू के सात शिक्षा खंडों की 236 महिलाएं होंगी प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्री-प्राइमरी के अंतर्गत पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत माताएं अध्यापकों से अपने बच्चों को पढ़ाने के गुर सीख रही हैं।
जिले के सात शिक्षा खंडों में 236 माताओं को खेल-खेल में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समग्र शिक्षा के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हर शिक्षा खंड से चयनित माताओं को पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित कर रहा है। नौनिहालों की देखरेख के अलावा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनका विकास करवाना सिखाया जा रहा है।
शिक्षा खंड कुल्लू-एक, कुल्लू-दो, नग्गर, बंजार, सैंज, आनी और निरमंड में 236 चयनित माताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक दो-दो दिवसीय कार्यशालाएं हो चुकीं हैं। प्रशिक्षण लेने के बाद माताएं इन गतिविधियों को घर पर अपने बच्चों से करवा पाएंगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास में माताओं की अहम भूमिका को देखते हुए ही सरकार ने प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए पहली शिक्षक मां कार्यक्रम की शुरुआत की है।
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कार्यक्रम की समन्वयक कविता गुलेरिया ने कहा कि सातों शिक्षा खंडों में पहली शिक्षक-मां कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। कहा कि छह शिक्षा खंडों में करीब 200 माताएं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं हैं। इसके अलावा हर माह के चौथे शनिवार को बैग फ्री डे के तहत हर प्राथमिक विद्यालय में प्री-प्राइमरी बच्चों की माताओं के साथ मासिक बैठक हो रही है।
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