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Kullu News: कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुनते ही गश खाकर गिर पड़ी मां
Mon, 21 Jul 2025 10:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:21 PM IST
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लाहौल में डूबने से बच्चों के मौत के बाद विलाप करते परिजन।-संवाद
मां की पीड़ा को देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखों से भी छलके आंसू
पिता की आंखों से भी आंसुओं के साथ बहता रहा 10 साल के बेटे को खोने का गम
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुनते ही मां धर्मा गश खाकर गिर पड़ीं। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने से पहले धर्मा ने बेटे को सीने से लगा लिया।
फूट-फूटकर रो रहीं धर्मा को देखकर मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखों से भी आंसू छलक उठे। टोपिंद्र के पिता प्रताप का भी रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों से बहते आंसुओं के बीच वह कभी बेटे को देख रहे थे तो कभी अपनी पत्नी को संभालते दिखे। टोपिंद्र के मामा नीमा ने बताया कि वे नेपाल मूल के हैं। मजदूरी कर परिवार को पालते हैं। दालंग मोड़ के समीप टेंट में रहते हैं।
दालंग स्थित आर्मी कैंप के समीप पानी के टैंक में नहाते समय दो बच्चों की मौत हो गई है। दोनों बच्चे पानी के टैंक में नहाने उतरे थे लेकिन बाहर नहीं आ पाए। उन्होंने बताया कि टोपिंद्र की मां को घटना की सूचना मिली तो उनकी हालात बिगड़ गई। उन्हें दालंग स्थित आर्मी कैंप में लाया गया। यहां उपचार किया गया। वह अभी भी बेहोशी की हालात में हैं। पिता प्रताप की स्थिति ऐसी बनी हुई है वह पत्नी को संभालें या फिर बेटे के शव का अंतिम संस्कार करें।
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बता दें कि लाहौल घाटी में दिसंबर के बाद से अब तक चार प्रवासी बच्चे आकस्मिक मौत का शिकार हो चुके हैं। दिसंबर में केलांग में अस्पताल के समीप एक मकान में आग लगने से चार साल का निशेल भीषण आग की लपटों में आ गया था। सुमनम गांव में प्रवासी बच्चे कुंजन को छह-सात लावारिस कुत्तों ने नोंच डाला था। इससे उसकी मौत हो गई थी।
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पिता की आंखों से भी आंसुओं के साथ बहता रहा 10 साल के बेटे को खोने का गम
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर सुनते ही मां धर्मा गश खाकर गिर पड़ीं। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने से पहले धर्मा ने बेटे को सीने से लगा लिया।
फूट-फूटकर रो रहीं धर्मा को देखकर मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखों से भी आंसू छलक उठे। टोपिंद्र के पिता प्रताप का भी रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों से बहते आंसुओं के बीच वह कभी बेटे को देख रहे थे तो कभी अपनी पत्नी को संभालते दिखे। टोपिंद्र के मामा नीमा ने बताया कि वे नेपाल मूल के हैं। मजदूरी कर परिवार को पालते हैं। दालंग मोड़ के समीप टेंट में रहते हैं।
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दालंग स्थित आर्मी कैंप के समीप पानी के टैंक में नहाते समय दो बच्चों की मौत हो गई है। दोनों बच्चे पानी के टैंक में नहाने उतरे थे लेकिन बाहर नहीं आ पाए। उन्होंने बताया कि टोपिंद्र की मां को घटना की सूचना मिली तो उनकी हालात बिगड़ गई। उन्हें दालंग स्थित आर्मी कैंप में लाया गया। यहां उपचार किया गया। वह अभी भी बेहोशी की हालात में हैं। पिता प्रताप की स्थिति ऐसी बनी हुई है वह पत्नी को संभालें या फिर बेटे के शव का अंतिम संस्कार करें।
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बता दें कि लाहौल घाटी में दिसंबर के बाद से अब तक चार प्रवासी बच्चे आकस्मिक मौत का शिकार हो चुके हैं। दिसंबर में केलांग में अस्पताल के समीप एक मकान में आग लगने से चार साल का निशेल भीषण आग की लपटों में आ गया था। सुमनम गांव में प्रवासी बच्चे कुंजन को छह-सात लावारिस कुत्तों ने नोंच डाला था। इससे उसकी मौत हो गई थी।