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Kullu News: कुल्लू की 200 से ज्यादा दुग्ध सोसायटियों को मिला बजट
Sun, 15 Jun 2025 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 15 Jun 2025 10:48 PM IST
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दो महीने बाद मिल्क फेडरेशन ने किया जारी, पशुपालकों को मिली राहत
जिले में हर महीने होता है 40 हजार लीटर दूध का उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले की 200 से अधिक दुग्ध सोसायटियों को मिल्क फेडरेशन ने बजट जारी कर दिया है। यह बजट करीब पौने दो माह बाद मिला है।
बजट जारी होने से सोसायटी संचालकों और पशुपालकों को राहत मिली है। जिले में हर माह 40,000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसका बजट लगभग छह करोड़ रहता है। अमर उजाला ने दुग्ध सोसायटियों को बजट नहीं मिलने का मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हरकत में आते हुए मिल्क फेडरेशन ने अब बजट जारी कर दिया है।
गौर रहे कि जिले की सैकड़ों दुग्ध सोसाइटियों को मासिक बजट जारी नहीं हुआ था। इस कारण दुग्ध उत्पादकों को पशुओं के लिए चारा और फीड की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया था। इन सोसायटियों का पिछले पौने दो माह से छह करोड़ का बजट लंबित रहा। इस कारण सोसायटियों के संचालन में परेशानी आ रही थी। इन सोसायटियों के माध्यम से दूध बेचकर आर्थिक स्थिति को सुधारने में जुटे पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।अब बजट जारी होने से समस्याएं हल हो गई हैं। उधर, मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि सोसायटियों और पशुपालकों को परेशानी न आए, इस बात का ध्यान रखा जा रहा है। बजट मिल्क फेडरेशन ने जारी कर दिया है।
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जिले में हर महीने होता है 40 हजार लीटर दूध का उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले की 200 से अधिक दुग्ध सोसायटियों को मिल्क फेडरेशन ने बजट जारी कर दिया है। यह बजट करीब पौने दो माह बाद मिला है।
बजट जारी होने से सोसायटी संचालकों और पशुपालकों को राहत मिली है। जिले में हर माह 40,000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसका बजट लगभग छह करोड़ रहता है। अमर उजाला ने दुग्ध सोसायटियों को बजट नहीं मिलने का मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हरकत में आते हुए मिल्क फेडरेशन ने अब बजट जारी कर दिया है।
गौर रहे कि जिले की सैकड़ों दुग्ध सोसाइटियों को मासिक बजट जारी नहीं हुआ था। इस कारण दुग्ध उत्पादकों को पशुओं के लिए चारा और फीड की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया था। इन सोसायटियों का पिछले पौने दो माह से छह करोड़ का बजट लंबित रहा। इस कारण सोसायटियों के संचालन में परेशानी आ रही थी। इन सोसायटियों के माध्यम से दूध बेचकर आर्थिक स्थिति को सुधारने में जुटे पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।अब बजट जारी होने से समस्याएं हल हो गई हैं। उधर, मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि सोसायटियों और पशुपालकों को परेशानी न आए, इस बात का ध्यान रखा जा रहा है। बजट मिल्क फेडरेशन ने जारी कर दिया है।
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