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Kullu News: मोबाइल नेटवर्क का निकला दम, ग्रामीण हो रहे तंग
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सैंज घाटी की दुर्गम तीन पंचायतों में डेढ़ साल से मोबाइल कंपनियों का सिग्नल गायब
इंटरनेट न चलने से ऑनलाइन बनने वाले प्रमाण पत्र नहीं बन रहे, अन्य कार्य भी प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले की सैंज घाटी की दुर्गम तीन पंचायतों में विभिन्न कंपनियों का मोबाइल नेटवर्क दम तोड़ गया है। इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से ऑनलाइन कोई भी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। मोबाइल फोन में भी सिग्नल नहीं होता है। क्षेत्र में खुले कॉमन सर्विस सेंटर, ऑफिस, बैंक में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में अधिकतर कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं लेकिन तीन पंचायतों के ग्रामीणों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके लिए उन्हें 20 से 25 किलोमीटर दूर सैंज जाना पड़ता है। यह दिक्कत करीब डेढ़ साल से चल रही है।
घाटी की ग्राम पंचायतों गाड़ापारली, शैंशर और देहुरीधार में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों का कभी नेटवर्क आ रहा है तो कभी जा रहा है। ऑनलाइन कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। घाटी की उपरोक्त तीनों ग्राम पंचायतों में नेटवर्क न होने के कारण ग्रामीणों के आवश्यक कामकाज नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें लोकमित्र केंद्रों के अलावा सैंज के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अध्यापक ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगा पा रहे हैं।
विद्यालय के कार्य भी बिना नेटवर्क और इंटरनेट नहीं हो पा रहे हैं। ग्राम पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी, शैंशर की प्रधान मथुरा देवी और देहुरीधार के प्रधान भगत राम ने कहा कि पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीण बिना नेटवर्क अपनों से बात तक नहीं कर पा रहे हैं। उधर, उपमंडलाधिकारी बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि विभिन्न कंपनियों को नेटवर्क दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
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इन क्षेत्रों में नहीं नेटवर्क
ग्राम पंचायत गाड़ापारली के गांव कोटला, मरौड़, शाक्टी, मैल, बनाऊगी, बागीशियाड़ी में नेटवर्क समस्या चल रही है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत देहुरीधार के गांव धाटा, कैईथा, पटियाहरा, ज्लाहरा, शफाड़ी, मझिणा, न्यूली और ग्राम पंचायत शैंशर के गांव बटाहरा में भी नेटवर्क न होना ग्रामीणों की दिक्कतों को बढ़ा रहा है।
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इंटरनेट न चलने से ऑनलाइन बनने वाले प्रमाण पत्र नहीं बन रहे, अन्य कार्य भी प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। जिले की सैंज घाटी की दुर्गम तीन पंचायतों में विभिन्न कंपनियों का मोबाइल नेटवर्क दम तोड़ गया है। इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से ऑनलाइन कोई भी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। मोबाइल फोन में भी सिग्नल नहीं होता है। क्षेत्र में खुले कॉमन सर्विस सेंटर, ऑफिस, बैंक में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में अधिकतर कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं लेकिन तीन पंचायतों के ग्रामीणों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके लिए उन्हें 20 से 25 किलोमीटर दूर सैंज जाना पड़ता है। यह दिक्कत करीब डेढ़ साल से चल रही है।
घाटी की ग्राम पंचायतों गाड़ापारली, शैंशर और देहुरीधार में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों का कभी नेटवर्क आ रहा है तो कभी जा रहा है। ऑनलाइन कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। घाटी की उपरोक्त तीनों ग्राम पंचायतों में नेटवर्क न होने के कारण ग्रामीणों के आवश्यक कामकाज नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें लोकमित्र केंद्रों के अलावा सैंज के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अध्यापक ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगा पा रहे हैं।
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विद्यालय के कार्य भी बिना नेटवर्क और इंटरनेट नहीं हो पा रहे हैं। ग्राम पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी, शैंशर की प्रधान मथुरा देवी और देहुरीधार के प्रधान भगत राम ने कहा कि पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीण बिना नेटवर्क अपनों से बात तक नहीं कर पा रहे हैं। उधर, उपमंडलाधिकारी बंजार पंकज शर्मा ने कहा कि विभिन्न कंपनियों को नेटवर्क दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
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इन क्षेत्रों में नहीं नेटवर्क
ग्राम पंचायत गाड़ापारली के गांव कोटला, मरौड़, शाक्टी, मैल, बनाऊगी, बागीशियाड़ी में नेटवर्क समस्या चल रही है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत देहुरीधार के गांव धाटा, कैईथा, पटियाहरा, ज्लाहरा, शफाड़ी, मझिणा, न्यूली और ग्राम पंचायत शैंशर के गांव बटाहरा में भी नेटवर्क न होना ग्रामीणों की दिक्कतों को बढ़ा रहा है।
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