{"_id":"680facd0df4552d693012852","slug":"mnrega-scheme-in-trouble-in-the-hills-payment-of-one-crore-pending-kullu-news-c-89-1-ssml1012-146466-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: पहाड़ में हांफी मनरेगा योजना, एक करोड़ के भुगतान लटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: पहाड़ में हांफी मनरेगा योजना, एक करोड़ के भुगतान लटके
Mon, 28 Apr 2025 09:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 28 Apr 2025 09:59 PM IST
विज्ञापन
जिले के ग्रामीण इलाकों में नहीं मिल पा रही है विकास कार्यों को गति
दिसंबर महीने से लटका राज्य सरकार के माध्यम से आने वाला बजट
मजदूरी नहीं मिलने के कारण अब काम करने से कतराने लगे ग्रामीण
संजय भारद्वाज
मनाली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना पहाड़ में हांफने लगी है। मनरेगा के तहत हो रहे विकास कार्यों का भुगतान नहीं होने के कारण ग्रामीण इलाकों में विकास की गति थम गई है।
अकेले नगर खंड में लगभग एक करोड़ रुपये के भुगतान लटके हैं। बताया जा रहा है कि शिमला से विकास खंडों को बजट का भुगतान नहीं हो रहा है। लगभग चार महीने से भुगतान लटका है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं। भूमि सुधार, रास्तों का निर्माण और जल संग्रहण जैसे कार्यों के लिए केंद्र से बजट जारी होता है। राज्य सरकार के माध्यम से विकास खंडों तक पहुंचने वाला यह बजट दिसंबर महीने से लटका हुआ है। मनरेगा के तहत सामग्री और लेबर अलग-अलग बजट जारी होता है। नग्गर ब्लॉक में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों को लगभग 60 लाख रुपये और सामग्री का करीब 40 लाख रुपये का भुगतान नहीं होना अभी शेष है। हालांकि, पंचायतों कि ओर से तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। भुगतान नहीं होने के कारण भूमि सुधार, रास्तों का निर्माण, वर्ष जल संग्रहण, सड़क निर्माण आदि के कार्य लटक गए हैं। मजदूरी नहीं मिलने से ग्रामीण भी अब काम करने से कतराने लगे हैं।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी नग्गर मुकेश कुमार ने बताया कि नगर खंड में लगभग एक करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार से बजट जारी होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
दिसंबर महीने से लटका राज्य सरकार के माध्यम से आने वाला बजट
मजदूरी नहीं मिलने के कारण अब काम करने से कतराने लगे ग्रामीण
संजय भारद्वाज
मनाली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना पहाड़ में हांफने लगी है। मनरेगा के तहत हो रहे विकास कार्यों का भुगतान नहीं होने के कारण ग्रामीण इलाकों में विकास की गति थम गई है।
अकेले नगर खंड में लगभग एक करोड़ रुपये के भुगतान लटके हैं। बताया जा रहा है कि शिमला से विकास खंडों को बजट का भुगतान नहीं हो रहा है। लगभग चार महीने से भुगतान लटका है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं। भूमि सुधार, रास्तों का निर्माण और जल संग्रहण जैसे कार्यों के लिए केंद्र से बजट जारी होता है। राज्य सरकार के माध्यम से विकास खंडों तक पहुंचने वाला यह बजट दिसंबर महीने से लटका हुआ है। मनरेगा के तहत सामग्री और लेबर अलग-अलग बजट जारी होता है। नग्गर ब्लॉक में मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों को लगभग 60 लाख रुपये और सामग्री का करीब 40 लाख रुपये का भुगतान नहीं होना अभी शेष है। हालांकि, पंचायतों कि ओर से तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। भुगतान नहीं होने के कारण भूमि सुधार, रास्तों का निर्माण, वर्ष जल संग्रहण, सड़क निर्माण आदि के कार्य लटक गए हैं। मजदूरी नहीं मिलने से ग्रामीण भी अब काम करने से कतराने लगे हैं।
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी नग्गर मुकेश कुमार ने बताया कि नगर खंड में लगभग एक करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार से बजट जारी होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। संवाद