कुल्लू। जिले की पार्वती घाटी में विरशू मेले की धूम रही। माता कैलाशना के सम्मान में घाटी के डढ़ेई गांव में विरशू मेला मनाया गया। इसमें माता कैलाशना ने महिलाओं के साथ लालड़ी खेली। माता के महिलाओं के साथ लालड़ी खेलने का दृश्य देख हर कोई भावुक हो गया। इस दृश्य ने देव और मनुष्य के आपसी प्रेम को दिखाया। इससे पहले गांव की महिलाओं ने कुल्लवी पट्टू और धाटू में सजकर परंपरा के अनुसार माता को धूप और फूल देने की परंपरा को निभाया। बता दें कि तीन माह बाद घाटी में देवती-देवताओं ने अपने श्रद्धालुओं को दर्शन दिए हैं। रंग-बिरंगे फूलों से सजे देवरथों को देख हर कोई श्रद्धालु इनकी ओर आकर्षित हुआ।
ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक देव विधि से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर रस्म को निभाया है। पार्वती घाटी के डढ़ेई गांव में देवता सुन नारायण, माता कैलाशना और देवता मकाल राजा, धारला में माता रूपासना, बुहाड़ में देवता कालीनाग, सिसू तथा जां में नमो नारायण के सम्मान में विरशू मेलों का आयोजन किया गया। मान्यता है कि पार्वती घाटी के देवी-देवता विरशू मेले में गुना और बुरांस के फूलों से शक्ति अर्जित करते हैं। वहीं, लगघाटी में भी माता भागासिद्ध के सम्मान में शनिवार को विरशू मेला मनाया गया। डुगीलग स्थित मंदिर में माता के समक्ष सैकड़ों श्रद्वालुओं ने शीश नवाया। संवाद