{"_id":"612fb9f88ebc3e7a1e700289","slug":"masks-students-start-studying-in-colleges-with-50-capacity-admission-given-in-college-after-thermal-screening-studies-will-be-better-than-regular-classes-students-see-happiness-kullu-news-sml3823791114","type":"story","status":"publish","title_hn":"मास्क, 50 फीसदी क्षमता के साथ कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मास्क, 50 फीसदी क्षमता के साथ कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू
विज्ञापन
कोरोना के चलते बंद हुए रहे कॉलेजों में पांच माह बाद बुधवार से नियमित कक्षाएं शुरू हो गई है। कमरो म?
- फोटो : Kullu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू/बंजार। कोरोना के चलते बंद हुए रहे कॉलेजों में बुधवार से नियमित कक्षाएं शुरू हुईं। विद्यार्थियों ने 50 फीसदी क्षमता के साथ मास्क लगाकर पढ़ाई की। विद्यार्थियों में कॉलेज में नियमित कक्षाएं लगने की खुशी साफ झलक रही थी। सुबह दस बजे से पहले ही कॉलेज में विद्यार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ।
कुल्लू कॉलेज प्रबंधन की ओर कोरोना नियमों की अनुपालना का पूरा इंतजाम किया हुआ था। कॉलेज गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। हाथों को सैनिटाइज भी किया गया। कक्षाओं में 50 फीसदी क्षमता के साथ विद्यार्थियों को बिठाया गया। लंबे समय के बाद कॉलेज में नियमित कक्षाएं लगने के फैसले का विद्यार्थियों ने स्वागत किया है। वहीं बंजार कॉलेज में बुधवार को नियमित कक्षाएं कोरोना नियमों के तहत लगाई गई। कॉलेज प्राचार्य नीरज कपूर ने कहा कि शिक्षकों द्वारा कक्षाओं के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जा रहे हैं। जिनसे पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी।
नियमित कक्षाएं लगने से अच्छी होगी पढ़ाई
कुल्लू कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र सैंज घाटी के अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना के चलते पिछले करीब डेढ़ सालों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित है। ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों का मन नहीं लगता था। ऑनलाइन पढ़ाई में सिर्फ औपचारिकताएं ही पूरी हो रही हैं। अब कक्षाएं नियमित रूप से लगने से पढ़ाई पहले से बेहतर होगी, जिसका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।
विज्ञापन
कई विषयों के अध्ययन में आ रही थी परेशानी
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा बंजार की निर्मला देवी ने कहा कि कई विषयों के अध्ययन में कई तरह की परेशानी आ रही थी। अब कॉलेजों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। समझ न आने पर अध्यापकों से पूछ सकते हैं। हालांकि पहले भी उनके पास अध्यापकों से पूछने का विकल्प था।
कक्षा में पढ़ाई का अलग होता है माहौल
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा बंजार की श्यामा देवी ने कहा कि ऑनलाइन और कक्षा में आकर पढ़ाई करने में रात-दिन का फर्क है। ऑनलाइन कक्षा लगाते समय माहौल कुछ अलग होता है। जब कॉलेज में नियमित कक्षा लगती है तो यहां आकर जो सीखने को मिलता है, वह ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं हो पाता है। पढ़ाई का फिर से माहौल मिलने से विद्यार्थी कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई कर सकेंगे।
कोरोना नियमों के तहत कक्षाएं लगाना स्वागत योग्य फैसला
बीए तृतीय वर्ष के सारी निवासी छात्र देवराज ने कहा कि कोरोना नियमों के तहत कॉलेजों में नियमित कक्षाएं लगाने का फैसला स्वागत योग्य है। ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थी काफी पिछड़ गए थे। इसके साथ ही उन्हें नियमित कक्षाएं लगने से कोरोना के बीच एक बार फिर कॉलेज आने का मौका मिला है।
विज्ञापन
कुल्लू कॉलेज प्रबंधन की ओर कोरोना नियमों की अनुपालना का पूरा इंतजाम किया हुआ था। कॉलेज गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। हाथों को सैनिटाइज भी किया गया। कक्षाओं में 50 फीसदी क्षमता के साथ विद्यार्थियों को बिठाया गया। लंबे समय के बाद कॉलेज में नियमित कक्षाएं लगने के फैसले का विद्यार्थियों ने स्वागत किया है। वहीं बंजार कॉलेज में बुधवार को नियमित कक्षाएं कोरोना नियमों के तहत लगाई गई। कॉलेज प्राचार्य नीरज कपूर ने कहा कि शिक्षकों द्वारा कक्षाओं के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जा रहे हैं। जिनसे पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन
नियमित कक्षाएं लगने से अच्छी होगी पढ़ाई
कुल्लू कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र सैंज घाटी के अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना के चलते पिछले करीब डेढ़ सालों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित है। ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों का मन नहीं लगता था। ऑनलाइन पढ़ाई में सिर्फ औपचारिकताएं ही पूरी हो रही हैं। अब कक्षाएं नियमित रूप से लगने से पढ़ाई पहले से बेहतर होगी, जिसका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।
विज्ञापन
कई विषयों के अध्ययन में आ रही थी परेशानी
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा बंजार की निर्मला देवी ने कहा कि कई विषयों के अध्ययन में कई तरह की परेशानी आ रही थी। अब कॉलेजों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। समझ न आने पर अध्यापकों से पूछ सकते हैं। हालांकि पहले भी उनके पास अध्यापकों से पूछने का विकल्प था।
कक्षा में पढ़ाई का अलग होता है माहौल
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा बंजार की श्यामा देवी ने कहा कि ऑनलाइन और कक्षा में आकर पढ़ाई करने में रात-दिन का फर्क है। ऑनलाइन कक्षा लगाते समय माहौल कुछ अलग होता है। जब कॉलेज में नियमित कक्षा लगती है तो यहां आकर जो सीखने को मिलता है, वह ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं हो पाता है। पढ़ाई का फिर से माहौल मिलने से विद्यार्थी कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई कर सकेंगे।
कोरोना नियमों के तहत कक्षाएं लगाना स्वागत योग्य फैसला
बीए तृतीय वर्ष के सारी निवासी छात्र देवराज ने कहा कि कोरोना नियमों के तहत कॉलेजों में नियमित कक्षाएं लगाने का फैसला स्वागत योग्य है। ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थी काफी पिछड़ गए थे। इसके साथ ही उन्हें नियमित कक्षाएं लगने से कोरोना के बीच एक बार फिर कॉलेज आने का मौका मिला है।