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रात्रि सफाई शुरु करने वाला प्रदेश का पहला शहर बना मनाली
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पर्यटन नगरी मनाली में देर रात नगर परिषद के सफाई कर्मचारी गंदगी को उठाते हुए। संवाद
- फोटो : Kullu
कुल्लू। हैदराबाद के मॉडल को अपनाकर पर्यटन नगरी मनाली रात को सफाई शुरू करने वाला प्रदेश का पहला शहर बन गया है। देश की स्वच्छता रैंकिंग में मनाली शहर को पहले नंबर पर लाने के लिए नगर परिषद ने यह पहल की है। अब मनाली में तीन शिफ्टों सुबह, शाम और रात को सफाई होगी। नगर परिषद मनाली अब रात को भी शहर की सफाई करवा रही है, ताकि मनाली पहुंच रहे देश-विदेश के सैलानियों को अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। वर्तमान में मनाली शहर में कुल 82 सफाई कर्मचारियों ने सफाई का जिम्मा संभाला है।
अब मनाली शहर में सुबह छह से ग्यारह बजे, शाम दो से पांच बजे के बाद रात ग्यारह से तीन बजे सफाई होगी। इसके लिए नगर परिषद ने सफाई कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। सफाई कर्मचारियों ने तीन शिफ्टों में काम करना शुरू कर दिया है। वहीं, कुल्लू और भुंतर शहर में भी नगर परिषद इस मॉडल को अपनाकर सफाई का काम शुरू करेगी। बता दें कि पर्यटन सीजन शुरू होते ही मनाली में सैलानियों की आमद बढ़ गई है, जिससे सफाई व्यवस्था भी चरमरा रही है। शहर की गलियों को साफ करने के दो घंटे बाद फिर से कूड़े के ढेर लग रहे हैं। हालांकि नगर परिषद मनाली शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कारगर कदम उठा रही है, इसके बावजूद कूड़े के ढेर लग रहे हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में 67 अंक की लगाई है छलांग
पिछले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण में 50 हजार की आबादी वाली पर्यटन नगरी मनाली ने 67 अंक की छलांग लगाई है। 2019 में मनाली की रैंकिंग 916 और 2020 में 477 थी, जो 2021 में 410 रैंक पर पहुंच गई है। इसमें 67 अंक का सुधार हुआ है। वहीं, कुल्लू की रैंकिंग 2020 में 639वें स्थान पर थी, जो 2021 में 556 पहुंची है। इसमें 83 अंक का सुधार हुआ है, जबकि भुंतर की रैंकिंग 2020 में 610 थी, जो 2021 में 519वें स्थान पर आई है। इसमें 91 अंक का सुधार हुआ है। उधर, जिलाधीश आशुतोष गर्ग ने बताया कि मनाली शहर में अब रात में भी सफाई होगी।
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सैलानियों की सुविधा के लिए की पहल : शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मनाली शहर को स्वच्छता में अव्वल स्थान पर लाने और सैलानियों को अच्छी सुविधा देने के लिए हैदराबाद के मॉडल को अपनाया है। अब मनाली में सुबह, शाम के बाद रात को भी सफाई होगी। इसे लेकर हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक की गई है।
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अब मनाली शहर में सुबह छह से ग्यारह बजे, शाम दो से पांच बजे के बाद रात ग्यारह से तीन बजे सफाई होगी। इसके लिए नगर परिषद ने सफाई कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। सफाई कर्मचारियों ने तीन शिफ्टों में काम करना शुरू कर दिया है। वहीं, कुल्लू और भुंतर शहर में भी नगर परिषद इस मॉडल को अपनाकर सफाई का काम शुरू करेगी। बता दें कि पर्यटन सीजन शुरू होते ही मनाली में सैलानियों की आमद बढ़ गई है, जिससे सफाई व्यवस्था भी चरमरा रही है। शहर की गलियों को साफ करने के दो घंटे बाद फिर से कूड़े के ढेर लग रहे हैं। हालांकि नगर परिषद मनाली शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कारगर कदम उठा रही है, इसके बावजूद कूड़े के ढेर लग रहे हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में 67 अंक की लगाई है छलांग
पिछले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण में 50 हजार की आबादी वाली पर्यटन नगरी मनाली ने 67 अंक की छलांग लगाई है। 2019 में मनाली की रैंकिंग 916 और 2020 में 477 थी, जो 2021 में 410 रैंक पर पहुंच गई है। इसमें 67 अंक का सुधार हुआ है। वहीं, कुल्लू की रैंकिंग 2020 में 639वें स्थान पर थी, जो 2021 में 556 पहुंची है। इसमें 83 अंक का सुधार हुआ है, जबकि भुंतर की रैंकिंग 2020 में 610 थी, जो 2021 में 519वें स्थान पर आई है। इसमें 91 अंक का सुधार हुआ है। उधर, जिलाधीश आशुतोष गर्ग ने बताया कि मनाली शहर में अब रात में भी सफाई होगी।
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सैलानियों की सुविधा के लिए की पहल : शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मनाली शहर को स्वच्छता में अव्वल स्थान पर लाने और सैलानियों को अच्छी सुविधा देने के लिए हैदराबाद के मॉडल को अपनाया है। अब मनाली में सुबह, शाम के बाद रात को भी सफाई होगी। इसे लेकर हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक की गई है।