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Kullu News: साहित्यकारों ने पंडित चंद्रधर गुलेरी को किया याद
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पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की राज्य स्तरीय जयंती समारोह के दौरान उपस्थिति साहित्यकार और विद्या
कुल्लू। देवसदन में मंगलवार को पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की राज्य स्तरीय जयंती मनाई गई। समारोह में प्रदेशभर के लेखक और विद्वान जुटे। पंडित गुलेरी के साहित्य के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लेखक गोष्ठी में डॉ. दयानंद गौतम ने पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी : निबंधकार एवं व्यंग्यकार विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखक डॉ. हेमराज कौशिक, विजय विशाल, निरंजन देव शर्मा, अदिति गुलेरी, अशोक, सत्यनारायण स्नेही तथा राजेंद्र राजन ने पंडित गुलेरी के साहित्यिक के लिए दिए योगदान पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार मुख्य अतिथि, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गुलेरी परिवार से संबंध रखने वाली रूसी क्यूरेटर अदिति गुलेरी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार फुल्ल ने की। इस दौरान भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक चंदन कपूर मौजूद रहे।
दूसरे सत्र में गुलेरी की प्रसिद्ध कहानी बुद्धू का कांटा पर रंगसभा की ओर से नाटक पेश किया गया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कवि सम्मेलन में अशोक कालिया, रविंद्र चंदेल, सुमन चड्ढा, डॉ. जयचंद जायसवाल, कृष्ण चंद्र, पवन चौहान, अजेय, शंकर वशिष्ठ, हेमंत अत्री, टीसी सावन सहित लगभग 30 से 35 कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
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इस अवसर पर राज्य अभिलेखागार ने ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में सहायक निदेशक मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया उपस्थित रहीं। संवाद
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कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार मुख्य अतिथि, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गुलेरी परिवार से संबंध रखने वाली रूसी क्यूरेटर अदिति गुलेरी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार फुल्ल ने की। इस दौरान भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक चंदन कपूर मौजूद रहे।
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दूसरे सत्र में गुलेरी की प्रसिद्ध कहानी बुद्धू का कांटा पर रंगसभा की ओर से नाटक पेश किया गया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कवि सम्मेलन में अशोक कालिया, रविंद्र चंदेल, सुमन चड्ढा, डॉ. जयचंद जायसवाल, कृष्ण चंद्र, पवन चौहान, अजेय, शंकर वशिष्ठ, हेमंत अत्री, टीसी सावन सहित लगभग 30 से 35 कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
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इस अवसर पर राज्य अभिलेखागार ने ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में सहायक निदेशक मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया उपस्थित रहीं। संवाद