{"_id":"6293971fedf8c11f7156a14d","slug":"lewd-joke-in-the-name-of-children-s-education-in-sihan-school-kullu-news-sml4104498191","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिहण स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भद्दा मजाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिहण स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भद्दा मजाक
विज्ञापन
सैंज घाटी की देउरीधार पंचायत की प्राथमिक पाठशाला सिंहण। संवाद
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली (कुल्लू)। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के गृह जिले में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। कई स्कूल एक शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। जिला कुल्लू की सैंज घाटी की प्राथमिक पाठशाला सिहण का हाल ही कुछ ऐसा ही है, जहां एक शिक्षक के सहारे 112 विद्यार्थियों की पढ़ाई चल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भद्दा मजाक हो रहा है। एक ओर शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों में बच्चाें को पढ़ाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर वह सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर गंभीर नजर नहीं आते है। शिक्षा विभाग के मानकों के तहत 25 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। ऐसे में स्कूल में एक मुख्याध्यापक सहित तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिले के दुर्गम स्कूल सिहण में एक साल से महज एक शिक्षक ही सभी कक्षाओं को पढ़ा रहा है। बच्चों को पढ़ाने के अलावा मुख्याध्यापक का कामकाज का जिम्मा भी शिक्षक पर है। कई बार शिक्षक को स्कूल के काम को लेकर बाहर जाना पड़े तो यहां पर बच्चों को पढ़ाने के लिए डेपुटेशन पर शैंशर स्कूल से शिक्षक को भेजना पड़ता है।
शिक्षकों की कमी को लेकर रविवार को ग्राम पंचायत देहुरीधार के तुंग गांव में स्कूल प्रबंधन समिति, महिला मंडल व युवक मंडल की बैठक हुई। इसमें प्राथमिक स्कूल सिहण में शिक्षकों की कमी को लेकर चर्चा की गई। स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान निर्मला देवी, निमत राम, राज कुमार, तापे राम, विजय ठाकुर व गिरधारी लाल ने स्कूल में पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक 112 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के बारे में उन्होंने शिक्षा विभाग को बताया है और उन्हें आश्वासन ही मिलते रहे। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें मैसेज से भी अवगत करवाया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उधर, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कह कि प्रदेश भर में जेबीटी शिक्षकों की कमी है। जेबीटी के पदों को सरकार जल्द भरेगी।
विज्ञापन
कई बार मांग की, नहीं हुई पूरी
स्कूल प्रबंध समिति सिहण की प्रधान निर्मला ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। समिति ने कई बार शिक्षकों के पदों को भरने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
दो सालों से पूरा स्टाफ नहीं मिला
स्कूल प्रबंध समिति के सदस्य विजय ठाकुर ने कहा कि दो सालों से शिक्षकों के नहीं होने से अभिभावक परेशान हैं। बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा। सरकार इस स्कूल में शिक्षकों
विज्ञापन
न्यूली (कुल्लू)। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के गृह जिले में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। कई स्कूल एक शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। जिला कुल्लू की सैंज घाटी की प्राथमिक पाठशाला सिहण का हाल ही कुछ ऐसा ही है, जहां एक शिक्षक के सहारे 112 विद्यार्थियों की पढ़ाई चल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई के नाम पर भद्दा मजाक हो रहा है। एक ओर शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों में बच्चाें को पढ़ाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर वह सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर गंभीर नजर नहीं आते है। शिक्षा विभाग के मानकों के तहत 25 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। ऐसे में स्कूल में एक मुख्याध्यापक सहित तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिले के दुर्गम स्कूल सिहण में एक साल से महज एक शिक्षक ही सभी कक्षाओं को पढ़ा रहा है। बच्चों को पढ़ाने के अलावा मुख्याध्यापक का कामकाज का जिम्मा भी शिक्षक पर है। कई बार शिक्षक को स्कूल के काम को लेकर बाहर जाना पड़े तो यहां पर बच्चों को पढ़ाने के लिए डेपुटेशन पर शैंशर स्कूल से शिक्षक को भेजना पड़ता है।
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी को लेकर रविवार को ग्राम पंचायत देहुरीधार के तुंग गांव में स्कूल प्रबंधन समिति, महिला मंडल व युवक मंडल की बैठक हुई। इसमें प्राथमिक स्कूल सिहण में शिक्षकों की कमी को लेकर चर्चा की गई। स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान निर्मला देवी, निमत राम, राज कुमार, तापे राम, विजय ठाकुर व गिरधारी लाल ने स्कूल में पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक 112 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के बारे में उन्होंने शिक्षा विभाग को बताया है और उन्हें आश्वासन ही मिलते रहे। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें मैसेज से भी अवगत करवाया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उधर, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कह कि प्रदेश भर में जेबीटी शिक्षकों की कमी है। जेबीटी के पदों को सरकार जल्द भरेगी।
विज्ञापन
कई बार मांग की, नहीं हुई पूरी
स्कूल प्रबंध समिति सिहण की प्रधान निर्मला ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। समिति ने कई बार शिक्षकों के पदों को भरने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
दो सालों से पूरा स्टाफ नहीं मिला
स्कूल प्रबंध समिति के सदस्य विजय ठाकुर ने कहा कि दो सालों से शिक्षकों के नहीं होने से अभिभावक परेशान हैं। बिना शिक्षकों के बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा। सरकार इस स्कूल में शिक्षकों