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Kullu News: पहाड़ी से रिसाव ने उड़ाई लोगों की नींद, खतरे में 200 मकान
Sun, 30 Nov 2025 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 30 Nov 2025 10:26 PM IST
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रेड जोन क्षेत्र घोषित इनर अखाड़ा बाजार में पहाड़ी से लगातार बढ़ रहा पानी का रिसाव
तीन महीने पहले भी भूस्खलन होने के कारण चली गई थी दस लोगों की जान
लोग बोले- क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए किसी ने भी नहीं उठाए कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय स्थित इनर अखाड़ा बाजार के बाशिंदों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। इनर अखाड़ा बाजार के पीछे स्थित पहाड़ी से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है।
वर्षों से उपेक्षित यह समस्या उस बस्ती के लिए गंभीर खतरे का रूप ले चुकी है जो तीन महीने पहले दो जगह भूस्खलन की चपेट में आई थी। हादसे में दस लोगों की जान चली गई थी। क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर दिया गया था। करीब 200 मकान अब भी खतरे की जद में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विभाग ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
स्थानीय निवासी नेहा ने नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार अपील करने के बावजूद नगर परिषद, जल शक्ति और अन्य विभाग पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। अंजु ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में रिसाव और बढ़ गया है। इससे परिवारों में दहशत फैल गई है। उन्होंने कहा कि त्रासदी को तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन न तो अस्थायी उपाय किए गए और न ही कमजोर ढलानों को मजबूत करने की कोशिश हुई। क्षेत्र अब भी असुरक्षित और खुला पड़ा है। प्रिया ने कहा कि हालात इतिहास दोहराने जैसे लग रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के पहले बड़े भूस्खलन से ही लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं लेकिन कभी भी कोई तात्कालिक समाधान लागू नहीं किया गया। संजय ने कहा कि समुदाय ने अब सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री, विधायक, उपायुक्त, नगर परिषद, जल शक्ति और राजस्व विभाग को दिए गए सभी लंबित ज्ञापनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते। रोजाना पहाड़ी को कमजोर होते देख रहे हैं और उनकी जिंदगियां और घर दांव पर लगे हैं।
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तीन महीने पहले भी भूस्खलन होने के कारण चली गई थी दस लोगों की जान
लोग बोले- क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए किसी ने भी नहीं उठाए कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय स्थित इनर अखाड़ा बाजार के बाशिंदों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। इनर अखाड़ा बाजार के पीछे स्थित पहाड़ी से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है।
वर्षों से उपेक्षित यह समस्या उस बस्ती के लिए गंभीर खतरे का रूप ले चुकी है जो तीन महीने पहले दो जगह भूस्खलन की चपेट में आई थी। हादसे में दस लोगों की जान चली गई थी। क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर दिया गया था। करीब 200 मकान अब भी खतरे की जद में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विभाग ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
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स्थानीय निवासी नेहा ने नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार अपील करने के बावजूद नगर परिषद, जल शक्ति और अन्य विभाग पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। अंजु ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में रिसाव और बढ़ गया है। इससे परिवारों में दहशत फैल गई है। उन्होंने कहा कि त्रासदी को तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन न तो अस्थायी उपाय किए गए और न ही कमजोर ढलानों को मजबूत करने की कोशिश हुई। क्षेत्र अब भी असुरक्षित और खुला पड़ा है। प्रिया ने कहा कि हालात इतिहास दोहराने जैसे लग रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के पहले बड़े भूस्खलन से ही लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं लेकिन कभी भी कोई तात्कालिक समाधान लागू नहीं किया गया। संजय ने कहा कि समुदाय ने अब सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री, विधायक, उपायुक्त, नगर परिषद, जल शक्ति और राजस्व विभाग को दिए गए सभी लंबित ज्ञापनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते। रोजाना पहाड़ी को कमजोर होते देख रहे हैं और उनकी जिंदगियां और घर दांव पर लगे हैं।
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