सूखे से निपटने के लिए योजना बनाएं विभाग
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जिला में सूखे की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर वीरवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त राकेश शर्मा ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं बिजली विभाग के अधिकारियों को को सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार करने के निर्देश जारी किए। पिछले चार माह से वर्षा नहीं होने से पूरा जिला सूखे की चपेट में आ गया है जिस कारण पेयजल, रबी फसल और पशुचारा प्रभावित हुआ है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारी सूखे की गंभीरता को देखते हुए बागवानों, किसानों और पशुपालकों के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन करें।
लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करें जिससे लोगों को कम से कम आर्थिक नुकसान उठाना पड़े। अतिरिक्त उपायुक्त ने सिंचाई एवं जन स्वास्थय विभाग को जिला के उन गांवों और ऐसे परिवारों को चिन्हित करने को कहा जहां पर आने वाले समय में पेयजल की किल्लत बढ़ सकती है। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में बागबानी कृषि पशुचारा तथा बिजली उत्पादन और अन्य मामलों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित उपमंडल अधिकारी और तहसीलदारों को अपने अपने क्षेत्र में सूखेे की स्थिति और पेयजल की समस्या पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। बैठक में उपमंडल अधिकारी आनी डॉ सीएल चौहान, जिला राजस्व अधिकारी रमन घरसंगी, कार्यकारी अभियंता आईपीएच केआर कुल्लवी, उपनिदेशक कृषि राजेंद्र वर्मा और कार्यकारी अभियंता विद्युत हरेंद्र ठाकुर उपस्थित थे।