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Kullu News: फूडा में राजा घेपन का देवी हिडिंबा से होगा मिलन
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शांशा में राजा घेपन का छोटे भाई से मिलन हुआ, इस दौरान का भव्य नजारा। संवाद
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में अधिष्ठाता राजा घेपन की रथ यात्रा और परिक्रमा चल रही है। पांच नवंबर को फूडा गांव में एक भावुक और अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा, जब राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता का देवी हिडिंबा से मिलन होगा। जानकारी के अनुसार राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता के जाहलमा गांव पहुंचने से पहले देवी हिडिंबा अपने कारकूनों के साथ फूडा गांव पहुंचेंगी और रथ यात्रा का स्वागत करेंगी।
फूडा गांव में इन देवी-देवताओं के मिलन का अद्भुत नजारा और भव्य देव खेल देखने को मिलेगी। इस अलौकिक देव मिलन को देखने के लिए फूडा गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इस मिलन के साथ देवी हिडिंबा भी राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग के साथ रथ यात्रा में आगे बढ़ेंगी। राजा घेपन की लाहौल परिक्रमा एवं रथ यात्रा 19 अक्तूबर से शुरू हुई है, जो लंबे समय तक पूरी घाटी की परिक्रमा कर लोगों को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
राजा घेपन की घाटी परिक्रमा हर 2 साल बाद होती है। गाहर घाटी के तंगजर देवता भी इन दिनों दौरे पर हैं, जहां लोगों ने उन्हें अपने घरों में निमंत्रण दिया है। तंगजर देवता राजा घेपन के बड़े भाई माने जाते हैं। मंगलवार को तंगजर देवता अपने छोटे भाई राजा घेपन से शांशा गांव में मिले, उसके उपरांत तंगजर देवता उदयपुर की ओर रवाना हुए। राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता मंगलवार को शांशा गांव में रुके हुए हैं। पांच नवंबर को राजा घेपन जाहलमा पहुंचेंगे। संवाद
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फूडा गांव में इन देवी-देवताओं के मिलन का अद्भुत नजारा और भव्य देव खेल देखने को मिलेगी। इस अलौकिक देव मिलन को देखने के लिए फूडा गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इस मिलन के साथ देवी हिडिंबा भी राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग के साथ रथ यात्रा में आगे बढ़ेंगी। राजा घेपन की लाहौल परिक्रमा एवं रथ यात्रा 19 अक्तूबर से शुरू हुई है, जो लंबे समय तक पूरी घाटी की परिक्रमा कर लोगों को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
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राजा घेपन की घाटी परिक्रमा हर 2 साल बाद होती है। गाहर घाटी के तंगजर देवता भी इन दिनों दौरे पर हैं, जहां लोगों ने उन्हें अपने घरों में निमंत्रण दिया है। तंगजर देवता राजा घेपन के बड़े भाई माने जाते हैं। मंगलवार को तंगजर देवता अपने छोटे भाई राजा घेपन से शांशा गांव में मिले, उसके उपरांत तंगजर देवता उदयपुर की ओर रवाना हुए। राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता मंगलवार को शांशा गांव में रुके हुए हैं। पांच नवंबर को राजा घेपन जाहलमा पहुंचेंगे। संवाद
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